युवक की मौत के बाद तेरहवीं संस्कार की सभी तैयारियां थम गईं। चारों ओर चीखपुकार मच गई। हादसे के बाद मृतक की पत्नी अर्चना सुधबुध खो बैठी है। उसका कहना है कि अब तीन बच्चे कृष्णा (06), नैतिक (04) और गौरव (01) की परवरिश कैसे होगी।
बीमारी से मां की मौत होने पर तेरहवीं संस्कार की तैयारियों में लगे इकलौते पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद तेरहवीं संस्कार स्थगित हो गया। पखवाड़े भर के भीतर परिवार में दो मौतें होने से पूरे गांव में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कस्बा खन्ना निवासी राकेश शिवहरे (35) के पिता राजाराम की पांच वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। राकेश परिवार को इकलौता चिराग था। पिता की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई। वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था।
13 दिन पहले मां श्याम बाई (60) की बीमारी से मौत हो गई थी। रविवार को तेरहवीं संस्कार होना था। जिसकी तैयारियां की जा रही थी। रिश्तेदार भी घर पर आ गए थे। परिजनों ने बताया कि दोपहर के वक्त राकेश बिजली की व्यवस्था करने के बाद टेंट लगवा रहा था।
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आपूर्ति शुरू होते ही केबल में कट होने से करंट टिनशेड में उतर आया। राकेश जैसे ही पर्दे लगाने के लिए टिनशेड पर चढ़ा वह करंट की चपेट में आ गया। तेज झटका लगने से वह नीचे गिर गया। परिजन और रिश्तेदार उसे अस्पताल ले जाते तब तक उसकी सांसें थम गई थीं।
युवक की मौत के बाद तेरहवीं संस्कार की सभी तैयारियां थम गईं। चारों ओर चीखपुकार मच गई। हादसे के बाद मृतक की पत्नी अर्चना सुधबुध खो बैठी है। उसका कहना है कि अब तीन बच्चे कृष्णा (06), नैतिक (04) और गौरव (01) की परवरिश कैसे होगी। घर पर पड़ोसी व रिश्तेदार उसे ढांढस बंधाते रहे।