महोबा। बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए डीएम गजल भारद्वाज ने संयुक्त टीम गठित की है। खनिज अधिकारी और एआरटीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने सोमवार की रात और मंगलवार को पत्थरमंडी कबरई में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना रॉयल्टी गिट्टी ले जा रहे 16 ट्रकों को सीज किया गया है जबकि दो ट्रकों के चालान किए गए। इस कार्रवाई से खनिज माफियाओं में खलबली मची रही।
जिले में कुछ महीने पहले फर्जी रॉयल्टी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। इसमें क्रशर मालिक, पट्टा धारक और माफिया मिलकर फर्जी तरीके से रॉयल्टी बनाते थे और गिट्टी का पूरे प्रदेश में धडल्ले से परिवहन करते हुए करोड़ों रुपये की राजस्व चोरी कर रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने क्रशरों में प्रत्येक माह होने वाली बिक्री, जारी होने वाली रॉयल्टी, भंडारण आदि की जानकारी खनिज विभाग को भेजने का नियम बनाया। इसी बीच बिना रॉयल्टी के ही गिट्टी का परिवहन फिर से शुरू हो गया। मामले की सूचना पर सोमवार की रात खनिज अधिकारी आरबी सिंह, एआरटीओ दयाशंकर के साथ राजस्व विभाग और पुलिस ने जांच की। चेकिंग के दौरान नई मंडी स्थित क्रशर प्लांट के पास से 16 ट्रकों को मौके पर पकड़कर सीज किया गया जबकि दो अन्य ट्रकों का चालान काटा गया। खनिज अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए 16 वाहनों के पास कोई भी वैध रॉयल्टी प्रपत्र मौजूद नहीं थे। इनमें से आठ ट्रक ऐसे थे, जिनका ऑनलाइन चालान पहले हो चुका था, फिर भी वे बिना रॉयल्टी के सड़कों पर दौड़ रहे थे। इन ट्रकों में किस क्रशर प्लांट से गिट्टी लोड हुई, इसकी जांच कराई जा रही है।
राजधानी में पकड़ा बिना रायल्टी का ट्रक तो खुली नींद
खनिज निदेशालय उप्र लखनऊ के एक प्रवर्तन दल की ओर से चेकिंग के दौरान 11 दिसंबर को एक ट्रक लखनऊ में पकड़ा गया। बिना रॉयल्टी के ही इस ट्रक के जरिए गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। जब ट्रक के ड्राइवर से गिट्टी लोडिंग के स्थान के बारे में पूछताछ की गई तो पता चला कि कबरई की ओम नम: शिवाय ग्रेनाइट से लोडिंग की गई है। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने इस क्रशर का दौरा करके रॉयल्टी बनाने वाले पोर्टल की ओटीपी बंद कर दी थीं। मंगलवार को जब टीम कार्रवाई करने जा रही थी तो इसी क्रशर के पास भारी संख्या में गिट्टी से लोड ट्रक खड़े मिले जबकि पोर्टल बंद होने से रॉयल्टी बनाई नहीं जा सकती थी।
पहले भी मिली गड़बड़ी लेकिन कार्रवाई का भय नहीं
कबरई के नई मंडी स्थित क्रशर ओम नमः शिवाय ग्रेनाइट का यह मामला नया नहीं है। पिछले दिनों हुई जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर इस क्रशर का रॉयल्टी पोर्टल बंद कर दिया गया था, इसके बाद भी बड़े पैमाने पर यहां से गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। डीएम के निर्देश पर 11 दिसंबर को एसडीएम सदर और सीओ ने खनिज निरीक्षक के साथ क्रशर का निरीक्षण किया। इसमें मौके पर सीसीटीवी कैमरे की बंद पाए गए और भंडारण कर्ता रामकरन ने कहा था कि डेढ़ माह से प्लांट बंद है जबकि यहां से छह दिसंबर को ई-फॉर्म सी (रायल्टी प्रपत्र) जनरेट करना पाया गया। इसके साथ ही मौके पर खनिज के भंडारण आदि का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे पहले भी दो बार क्रशर संचालक पर शो-काज नोटिस दिया गया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए विभाग ने खनिज पोर्टल से रॉयल्टी जनरेट करने के लिए जरूरी ओटीपी की सुविधा बंद कर दी थी।