महोबा। जीएसटी को लेकर व्यापारियों को आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें कबरई पत्थरमंडी में पत्थर पर टैक्स का सही निर्धारण किए जाने व हार्ट अटैक की स्थिति में परिजनाें को बीमा का लाभ दिलाए जाने की मांग की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी के नए नियमों की जानकारी दी और समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया।
सेवायोजन सभागार में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भागीरथ नगायच ने मांग रखी कि अभी पंजीकृत व्यापारी के परिवार को दुर्घटना होने पर 10 लाख का बीमा लाभ मिलता है लेकिन हार्ट अटैक से मृत्यु होने वाले व्यापारी के परिवार को लाभ नहीं मिलता है। हार्ट अटैक की स्थिति में मृत्यु के बाद भी परिजनों को बीमा का लाभ दिलाया जाना चाहिए। क्रशर व्यापारी सुलभ सक्सेना ने कहा कि पत्थर व्यापारियों को पत्थर के मूल्य से पांच गुना टैक्स निर्धारित करके वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। एक कमेटी से बाजार मूल्य की जांच के बाद वास्तविक मूल्य पर टैक्स का निर्धारण कराया जाए। क्रशर यूनियन के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी ने भी पत्थर की बिक्री में टैक्स विसंगति के मामले को प्रमुखता से उठाया।
सीडीओ बलराम कुमार ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग टैक्स की दर जून 2017 तक थी। केंद्र सरकार ने जीएसटी की समान दर पूरे देश में लागू करके देश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने का प्रयास किया। डिप्टी कमिश्नर नीरज सिंह सेंगर ने कहा कि पिछले वर्ष जीएसटी की दर केंद्र सरकार की ओर से घटा देने और कई वस्तुओं पर टैक्स खत्म कर देने से लोगों को फायदा हुआ है। असिस्टेंट कमिश्नर शिखा सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य व्यापारियों के हितों का संरक्षण करना है। हर व्यापारी को समय पर अपने कारोबारी रिटर्न दाखिल कर जीएसटी की पेनाल्टी आदि से बचना चाहिए। इस मौके पर प्रदीप गुप्ता, अनिल शर्मा, अंकित तिवारी, समीर अहमद, हृदेश गुप्ता, बृजेंद्र गुप्ता, प्रणव त्रिपाठी, राम सिंह, सेवक नंदवानी, रामजी गुप्ता, राहुल अग्रवाल, शिवकुमार सोनी आदि मौजूद रहे।