महोबा। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर जिले में लॉकडाउन किया जा रहा है। साथ ही लोगों को सामाजिक दूरी का पालन कराने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन जिला अस्पताल में सामाजिक दूरी नियमों की धज्जियां उड़ रहीं हैं। पर्चा बनवाने से लेकर जांच कराने के लिए लंबी कतारों में लगे लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े नजर आते हैं।
जिला अस्पताल में एक सप्ताह से सैकड़ों की संख्या में लौटे श्रमिकों व अन्य लोगों की जांच कराई जा रही है। ओपीडी सेवा बंद होने से श्रमिकों की जांच व अन्य मरीजों का उपचार इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है। जांच के लिए लोग सुबह से ही जिला अस्पताल में लंबी कतारों में लग जाते हैं। इस दौरान सामाजिक दूरी नियम के पालन के लिए बनाए गए गोले में खड़े होने के बजाय लोग एक दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं।
जांच करा रहे मरीजों का कहना है कि लंबी लाइन में खड़े होने के दौरान तीखी धूप से उनका बुरा हाल हो रहा है। जिससे वह छाया की तलाश करने को मजबूर हैं। उधर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है जांच के लिए इमरजेंसी वार्ड के बाहर एक-एक मीटर के अंतराल में गोले लगाए गए हैं, लेकिन कुछ लोग जल्दी नंबर आने के चक्कर में आगे खड़े हो जाते हैं।
लॉकडाडन के उल्लंघन में 21 वाहनों के चालान, तीन सीज
महोबा। कोरोना के कारण लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस सख्ती दिखा रही है। प्रमुख चौराहों में तैनात पुलिस गुजरने वाले लोगों से पूछताछ कर रही हैं। बेवजह सड़कों पर घूमते पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने तीन वाहनों को सीज किया है जबकि 21 वाहनों के चालान काटे।
चौराहों व मोहल्लों में भी पुलिस का पहरा है। जिससे मोहल्लों में झुंड बनाकर खड़े होने वाले युवाओं में दहशत है। पुलिस के गश्त करने से घरों के बाहर एकत्र होने वाले युवा भी अब मकानों के अंदर कैद हैं। सड़कों पर बेवजह घूमने पर कार्रवाई हो रही है। एसपी मणिलाल पाटीदार के निर्देशन में कोतवाली समेत सभी थानों की पुलिस सघन अभियान चला रही है। पुलिस ने मंगलवार को लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर तीन वाहनों को सीज कर दिया। 21 वाहनों का चालान कर पांच हजार रुपये शमन शुल्क वसूला।
अपनों को ही बेगाने लगने लगे
महानगरों से लौटे श्रमिकों से पड़ोसी भी कतराने लगे
महोबा। महानगरों से आए श्रमिकों के गांव में आने के बाद ग्रामीण सहमे हुए हैं। जिससे ग्रामीण बाहर से आए पड़ोसियों से बात करने और उनके पास जाने से कतरा रहे है। रात-दिन साथ रहने वाले, खेलने-पढ़ने और घूमने वाले पड़ोसी ही महानगरों से लौटने के बाद अब बेगाने लगने हैं। कारण, उन्हें उनसे दुश्मनी नहीं कोरोना का डर सता रहा है। इतना ही नहीं पड़ोसी और मित्र तो दूर प्रवासी रिश्तेदारों से भी लोगों ने सलाम-दुआ करना बंद कर दिया है। हालात यह है कि कोरोना वायरस ने अब अपनों से अपनों को ही दूर कर दिया है।
पर्चा बनवाने के लिए एक-दूसरे से सटकर खड़े लोग- फोटो : MAHOBA