महोबा। जिले में साइबर अपराधियों के ठगी का शिकार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एक दिन पहले निवेश के नाम पर 13 लाख की ठगी के मामले के बाद कंप्यूटर दुकानदार को चार गुना मुनाफे का लालच देकर 22.37 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। लालच व जागरूकता की कमी के चलते लोग इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे हैं।
मोहल्ला मलकपुरा निवासी अमित चौरसिया ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह कंप्यूटर दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। 21 सितंबर को उसके मोबाइल नंबर को किसी ने एक व्हाट्सअप ग्रुप में जोड़ दिया। इसमें शेयर मार्केट में निवेश करने पर महीने में तीन से चार गुना मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। विभिन्न व्हाटसअप ग्रुप में आने वाले अलग-अलग ऑफर के हिसाब से साइबर ठगों ने कई बैंक खातों में उससे 29 सितंबर से 16 अक्तूबर तक 22.37 लाख रुपये में जमा करवा लिए। इन्ही व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से उसे एक मोबाइल एप का लिंक मिला।
इस एप में अपना पेन नंबर डालने पर उसे निवेश के नाम पर जमा कराए गए रुपयों का विवरण दिखने लगा। इसलिए उसे ठगी की स्थिति का आभास नहीं हुआ लेकिन कुछ दिनों बाद जब उसने यह रुपये निकालने का प्रयास किया तो एक रुपये भी अपने खाते में वापस नहीं पा सका। इसके बाद उसने व्हाट्सअप ग्रुप और मोबाइल नंबर आदि के जरिए साइबर ठगों से संपर्क करके मूल रकम ही वापस पाने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने साइबर थाना पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक दिन पहले धवारी गांव निवासी राकेश कुशवाहा से साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर 13 लाख रुपये ठग लिए थे।