सीएचसी कबरई के बाहर हंगामा काट रहे परिजनों को समझाती पुलिस
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई में जन्म के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने डाक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। थाने पहुंच डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाबुझाकर शांत कराया।
कस्बा कबरई के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी मुकेश बाबू की पत्नी सुमन को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां तैनात नर्स ने प्रसव कराया। प्रसव के बाद नवजात शिशु की हालत बिगड़ गई।
परिजनों का आरोप है कि वे अस्पताल के कक्ष में सो रहे डाक्टर को जगाने पहुंचे और बच्चे को देखने की बात कहते हुए आरजू मिन्नत की। लेकिन, डाक्टर का दिल नहीं पसीजा और उसने परिजनों को डंाट डपटकर भगा दिया। बाद में परिजन जच्चा बच्चा को जिला अस्पताल लाए।
जहां नवजात की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा काटते हुए सीएचसी में तैनात डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। पीड़ित मुकेश बाबू का आरोप है कि चिकित्सक शराब के नशे में था। यदि समय पर बच्चे को उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच जाती। पीड़ित ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया है और दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाना कबरई में डाक्टर को बच्चे की हत्या का जिम्ेमदार बताते हुए तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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अस्पताल में तैनात डाक्टर महेश सिंह द्वारा नवजात शिशु के उपचार में लापरवाही की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। परिजनों की सूचना पर तत्काल दूसरे डाक्टर को भेजा गया था। उपचार के बाद जच्चा- बच्चा को महोबा जिला अस्पताल के लिए रेफर किया है। जहां बच्चे की मौत हुई है।
डा. जीआर रत्मेले
प्रभारी चिकित्साधिकारी
सीएचसी कबरई