कबरई (महोबा)। सालों से पेयजल समस्या से जूझ रही कबरई की 40 हजार की आबादी की प्यास बुझाने के लिए दो वर्ष पहले 17 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई पेयजल योजना का अभी तक 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हो सका है। इससे कस्बेवासी बूंद-बूंद पानी को परेशान हैं। टैंकरों के भरोसे नगर पंचायत के 15 वार्डों की प्यास बुझ रही है। जिम्मेदार दिसंबर तक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
कबरई में पेयजल की समस्या एक दशक से है। कबरई बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति नियमित न होने से गर्मी के मौसम में हर वर्ष पानी को लेकर मारामारी मचती है। लीकेज व क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के चलते एक साल से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे लोग टैंकरों व दूर-दराज स्थित जलस्रोतों पर आश्रित हैं।
पेयजल योजना को हरी झंडी मिलने के बाद 26 मई 2020 को सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने कस्बे के कलशहा बाबा धाम में पानी की टंकी का शिलान्यास किया था। इस दौरान कस्बावासियों को शीघ्र टंकी का निर्माण कराकर पेयजल आपूर्ति शुरू कराने का भरोसा दिया था। दो साल बीत जाने के बाद 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ। कस्बे के पांच वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई गई है। टंकी का फाउंडेशन ही तैयार हो गया है। इससे इस सीजन लोगों को पेयजल से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।
पेयजल समस्या को देखते हुए दो साल पहले करोड़ों की योजना स्वीकृत हुई थी। इससे लोगों को भरपूर पानी मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन निर्माण कार्य धीमी गति से हुआ। इससे कस्बावासी टैंकरों के भरोसे हैं।
-सौरभ गुप्ता, आजाद नगर
पांच साल पहले जल संस्थान से नल का कनेक्शन कराया था। इसमें आज तक पानी ही नहीं आया। छह हजार रुपये का बिल जरूर आ गया है। कुछ हैंडपंपों पर लोगों ने सबमर्सिबल पंप डालकर कब्जा कर लिया है।
-जगदीश कुशवाहा, विशाल नगर
कोरोना काल में काम धीमा हुआ है। अब बजट की कोई कमी नहीं है। कस्बे में 15 किलो मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। टंकी का निर्माण तेजी से चल रहा है। ढाई करोड़ का बजट और भेजा गया है। काम तेजी से कराने के लिए कहा गया है।
-राकेश गोस्वामी, सदर विधायक
बजट के अभाव में कुछ माह काम बंद रहा। दोबारा बजट मिलते ही काम तेजी से कराया जा रहा है। दिसंबर 2022 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और आपूर्ति चालू हो सकेगी।
-नीरज करपात्री, अवर अभियंता, जल निगम नगरीय हमीरपुर