पनवाड़ी (महोबा)। माधवगंज गांव में अनुसूचित जाति के युवक अलखराम की शादी में घोड़ी पर चढ़ने की ख्वाहिश अधूरी रह गई। शुक्रवार को अलखराम ने सादगी के साथ शादी रचा ली।
माधवगंज गांव में आज तक कोई भी अनुसूचित जाति का युवक घोड़ी पर बैठकर बरात नहीं निकाल सका है। अनुसूचित जाति के अलखराम ने इस परंपरा को तोड़ने का संकल्प लेकर शादी में घोड़ी पर चढ़ने की इच्छा जताई थी। 18 जून 2021 को सोशल मीडिया में पोस्ट अपलोड कर उसने सभी से सहयोग मांगा था। विभिन्न संगठनों ने धूमधाम से बरात ले जाने में सहयोग की बात कही थी। बाद में लड़की के नाबालिग होने का मामला उजागर हो गया था। इस पर प्रशासन ने लड़की के बालिग होने तक शादी पर रोक लगा दी थी। शनिवार को अलखराम व उसके परिजन बरात लेकर बीहट गांव पहुंचे और सादगी के साथ शादी की। बिना तामझाम के शादी रचाने से अलखराम की घोड़ी चढ़ने की ख्वाहिश अधूरी रह गई।