शांतिभोज कराने वाली वृद्घा मानकुंवर।
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कुलपहाड़ (महोबा)। कुलपहाड़ के मोहल्ला कठवरिया में 82 वर्षीय वृद्घा ने जिंदा रहते हुए तेरहवीं संस्कार (शांतिभोज) कराया। वृद्घा का कहना था कि उसके कोई संतान नहीं है। पति की पहले की मौत हो चुकी है। यदि उसकी मृत्यु हुई तो कोई तेरहवीं संस्कार कराता है या नहीं। इसलिए जिंदा रहते ही उन्होंने यह फैसला लिया।
मानकुंवर की कोई संतान नहीं है। दो साल पहले पति तांतिया अहिरवार की मौत हो गई थी। वह घर में अकेली रहती है और स्वयं खेती आदि का काम करके पेट भरती है। मंगलवार की शाम उसने अपने रिश्तेदार व मोहल्ले के लोगों को बुलाया और तेरहवीं संस्कार करके 13 ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी। इसके इलावा लोगों को भोज भी कराया गया। वृद्घा के इस फैसले से लोग आश्चर्यचकित रह गए।