लोहिया गांव बसौठ में लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कराई
गई सीसी सड़के तोड़ने का सिलसिला नही थमने का नाम नहीं ले रहा है।
जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बावजूद पाइप लाइन विस्तार में लगी कार्यदाई
संस्था ने सड़के सुधारने के बजाए सड़कों को तोड़ना शुरू कर दिया है। बारिश
के मौसम में सड़के टूटने से परेशान ग्रामीणों में खाशा आक्रोश है।
जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने पिछले माह लोहिया गांव बसौठ के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की शिकायत के बाद पेयजल पाइप लाइन डालने वाली कार्यदाई संस्था को सड़के तोड़ने के बाद दुरुस्त कराने की सख्त हिदायत दी थी। डीएम के आदेश के बाद भी जल निगम ने आधी-अधूरी मरम्मत करवा कर छोड़ दी थी । इधर पिछले सप्ताह से शुरू हुई पेयजल पाइप लाइन विस्तार का काम करा रही कार्यदाई संस्था ने एक साल पहले बनी सीसी सड़कों को तोड़ना शुरू कर दिया है। बारिश के मौसम सड़के टूटने से ग्रामीणों को निकलने व घरों में पानी भरने का डर सता रहा है। वहीं गांव की मुख्य सड़क और जुड़ी जूनियर हाईस्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र को जोड़ने वाली सड़के टूट जाने से कीचड़ दलदल में बदल गया है। जहां से नौनिहाल बच्चों बड़े बूढ़ों और महिलाओं का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। सड़कों के तोड़ने से ठप हुए आवागमन को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। बसौठ गांव के समाज सेवी पूर्व प्रधान स्कंध तिवारी ने बताया एक वर्ष पहले पेयजल योजना का कार्य शुरू हुआ था। कार्यदाई संस्था के शिथिल कार्यगति के कारण सीसी सड़कों के निर्माण के बाद पाइप लाइन डाली जा रही हैं। गांव के ही ब्रजनंदन तिवारी, टेकचंद्र यादव, गोली तिवारी आदि ने बताया कि डीएम के निर्देश के बावजूद जल निगम सड़कों की मरम्मत नही करा रहा है।