महोबा। जिले में बदले मौसम ने संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। बुधवार को तेज बुखार से पीड़ित मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई जबकि 24 घंटे के अंदर गंभीर हालत में नौ मरीजों को वार्डों में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार व पेटदर्द के मरीजों की भरमार है।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। इतना ही नहीं काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 821 मरीज उपचार कराने पहुंचे। 24 घंटे में बुखार, पेटदर्द आदि से ग्रसित होने पर सुमेंद्र, इरम, कल्पना, अमन, आर्यन, गायत्री, रोहिणी, नीतू व अनीता की हालत नाजुक होने पर वार्ड मेंं भर्ती कराया गया।
थाना कबरई के धरौन गांव निवासी श्रीकिशन (45) चार दिन से बुखार से पीड़ित था। मंगलवार की देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाई आशाराम ने बताया कि तेज बुखार से भाई की मौत हो गई। इसी तरह मुड़हरा निवासी जीतू की दो माह की बेटी मिस्टी तीन दिन से बीमार थी। बुधवार की सुबह तेज बुखार होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। मामा प्यारेलाल ने बताया कि भांजी की मौत बुखार और पीलिया से हो गई। उधर, सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों को बेहतर इलाज किया जा रहा है।
ऐसे करें बचाव
-नियमित हाथ धोएं।
-साफ-सफाई पर ध्यान दें।
-खांसते व छींकते समय सावधानी बरतें।
-ताजा और संतुलित आहार लें।
-उबला या फिल्टर पानी पिएं।
-प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करें।
-भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें।
-बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचें।