भगवान शिव की पिंडी के चारों ओर भरा गया पानी
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दैवी आपदाओं के प्रकोप और लगातार तीन साल से सूखे से परेशान बुंदेलों ने अब बारिश के लिए अनूठा अनुष्ठान शुरू किया है। कस्बा कुलपहाड़ में भगवान शंकर के प्राचीन मंदिर में स्थापित पिंडी को जलमग्न कर भजन कीर्तन के साथ ही 48 घंटे से जाप किया जा रहा है। काली माता नवयुवक समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक बेहतर बारिश नहीं होती है अनुष्ठान जारी रहेगा।
बुंदेलखंड में भीषण सूखे के चलते बूंद बूंद पानी को लेकर जद्दोजहद हो रही है। वही किसानों के सामने भुखमरी की समस्या पैदा हो गई है। मानसून सत्र शुरू हो जाने के बाद भी जिले में अभी तक बेहतर बारिश नहीं हुई है। बीते एक सप्ताह से आसमान पर छा रहे काले बादल बिन बरसे ही लौट जाते हैं। जिससे बुंदेलों में एक बार फिर बेहतर बारिश न होने की आशंका पैदा होने लगी है। यही वजह है कि अब बुंदेलों ने बारिश के लिए भगवान का सहारा लेते हुए अनूठा अनुष्ठान शुरू किया है। कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला सोनीगंज में काली माता का प्राचीन मंदिर है। इसी मंदिर में भगवान शंकर की पिंडी स्थापित है।
जहां रोजाना दर्जनों की संख्या में भक्त पूजा अर्चना के लिए पहुंचते है। अच्छी बारिश के लिए काली माता नवयुवक समिति के पदाधिकारी ओमप्रकाश सोनी, धर्मेंद्र सोनी, हिमांशु, मनीष सोनी, देवेंद्र, राजेश सोनी, चंदू आदि ने मोहल्लेेवासियों के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया है। सबसे पहले मंदिर की पिंडी को जलमग्न करने के लिए करीब ढाई फीट ऊंची दीवार बना दी। बाद में पिंडी के चारों ओर पानी भरा गया। जिससे भगवान शिव की प्रतिमा जलमग्न हो गई। मंदिर में भजन कीर्तन के साथ 48 घंटे से जाप किया जा रहा है। जिसमें महिलाएं भी हिस्सा ले रही है।