महोबा। मानसून के 56 दिन गुजरने के बाद भी जिले में अब तक औसत से कम बारिश ही हुई है। पर्याप्त बारिश न होने से चंदेलकालीन तालाब खाली पड़े हैं।
सावन माह में काले बादल आ रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी तो कहीं कुछ देर की रिमझिम बारिश ही हो रही है। इससे उमस भरी गर्मी हो रही है। 15 जून से मानसून का समय शुरू हो जाता है। जिले की औसत वर्षा 768 मिलीमीटर (एमएम) है लेकिन अभी तक महज 255 एमएम बारिश ही हुई है।
ऐसे में पर्याप्त बारिश न होने से शहर में स्थित चंदेलकालीन ऐतिहासिक कीरत सागर, विजय सागर, कल्याण सागर, मदन सागर और राहिल्य सागर आदि में बेहद कम पानी है। कुछ तालाबों में पानी तलहटी में नजर आ रहा है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी बारिश का यही हाल है। ऐसे में किसान सूखे की आशंका को लेकर परेशान हैं। उधर, उप कृषि निदेशक डॉ. एकेएस यादव का कहना है कि आगे मानसून बेहतर रहने की उम्मीद है।
मानसून का समय खत्म होने तक यहां औसत वर्षा के हिसाब से पर्याप्त बारिश के आसार हैं। किसानों को अभी से चिंता करने की जरूरत नहीं है।