महोबा। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 44 युवाओं से एक-एक लाख रुपये ऐंठने के मामले में शनिवार को एक और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें ठग और मध्यस्थ के बीच बातचीत हो रही है। ठग मध्यस्थ से दस दिन गायब रहने को रहा है। ठगी मामले में नौ दिन में तीसरा ऑडियो वायरल हुआ है। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वाय समेत विभिन्न पदों पर नौकरी के नाम पर 44 युवक-युवतियों से एक-एक लाख रुपये ऐंठ लिए गए थे। नौकरी न मिलने पर 16 जुलाई को पीड़ितों ने डीएम को मामले की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर बातचीत का ऑडियो वायरल किया था।
प्रेमनारायण और ईश्वरीदीन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें कोविड सेंटर में एक माह के लिए नौकरी पर रखा गया और मानदेय भी दिया गया लेकिन बाद में भगा दिया। पीड़ित प्रेमनारायण की तहरीर पर 21 जुलाई को शहर कोतवाली में दिवाकर दत्त तिवारी और विष्णु प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद सोशल मीडिया पर एक और ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें ठगी का शिकार बनाने वाला मध्यस्थ से कह रहा है कि मैंने तुम्हें मना किया था कि कहीं नहीं जाना। ऐसा काम न करो कि हम भी जेल जाएं और तुम भी। हम गए तो सबको लेकर जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और बाबू को भी लपेट देंगे। तुम फंसोगे तो मुझे दिक्कत आ जाएगी। ऑडियो में मध्यस्थ आवेदकों के भेजे गए पैसे वापस देने को कह रहा है। साथ ही कह रहा है कि वह महोबा नहीं जाएगा। ठगी मामले में यह बातचीत का तीसरा ऑडियो है। पुलिस ऑडियो की जांच कर रही है।
नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम से कराई गई। पीड़ितों को बुलाकर बयान दर्ज किए गए। सभी के लिखित बयान पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं। पुलिस जांच कर कार्रवाई करेगी। आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में बयान की कॉपी लगाने के लिए पुलिस को सौंपी गई है। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
मनोजकांत सिन्हा, सीएमओ, महोबा।