फोटो 11 एमएएचपी 01 परिचय-रमजान को लेकर सूतफेनी, सेवई आदि की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
महोबा। ईद अभी दूर है लेकिन रमजान में सुबह और शाम बनारसी सूतफेनी ने रोजेदारों का स्वाद अपनी ओर खींच रखा है। बाजार में दो प्रकार की बनारसी सूतफेनी ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है जबकि कानपुर से आने वाली सूतफेनी ने दूसरे नंबरर पर अपना कब्जा बना रखा है। ईद पर्व के नजदीक आने पर सूतफेनी व सेवईं की बिक्री में तेजी आएगी। इसके लिए दुकानदारों ने स्टॉक किया है।
शहर के मुख्य बाजार में सूतफेनी और सेवई की दुकान लगाने वाले अब्दुल रज्जाक बताते हैं कि अभी ईद का पर्व दूर हैं लेकिन रोजेदारों के बाजार में तरह-तरह के खाद्य सामाग्री मौजूद है। इसमें सबसे अधिक लजीज बनारसी सूतफेनी है। बनारसी सूतफेनी दो प्रकार की है और इसके दाम 160 रुपये व 200 रुपये किलोग्राम है। बाजार में सबसे अधिक पसंद बनारसी सूतफेनी की हो रही है, जो पकने के बाद बहुत ही स्वादिष्ट होती है। इसके बाद कानपुर की सूतफेनी है, जिसकी कीमत 120 रुपये किलोग्राम है जबकि सेवई 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। रोजेदार इसका सेवन रोजा इफ्तार के समय और सुबह सहरी के समय अधिक करते हैं। रोजेदार इसके अलावा खजूर भी खूब पसंद करते हैं। बाजार में खजूर कई तरह का मौजूद है। गुणवत्ता के अनुसार उसकी कीमतें बदलती हैं। बाजार में इस समय खजूर 30 रुपए पैकेट से लेकर 700 रुपए पैकेट तक का मौजूद है। इसके साथ ही टोस्ट और जीरा भी लोग पसंद करते हैं। बताया कि ईद पर्व जब नजदीक आएगा तो इनकी बिक्री में रफ्तार आएगी।
तरह-तरह की टोपी बाजार में उपलब्ध
महोबा। ईद के मौके पर कोई कुर्ता-पैजामा पहनता है और कोई पैंट, शर्ट। मगर हर व्यक्ति अपने सिर पर टोपी जरूर पहनता है इसलिए बाजार में तरह-तरह की टोपियां भी मौजूद हैं। ग्राहकों की मांग को देखते हुए बाजार में नग वाली टोपी 100 रुपये हैं, जो बेहद ही चमकदार और खूबसूरत दिखती है। इसके बाद कपड़े वाली टोपी है, जिसकी कीमत 150 रुपये है। इसी क्रम में बेहद ही हल्के कपड़े की बनी टोपी 50 रुपये की है और सूती धागों की बुनी हुई टोपी मौजूद है। इसकी कीमतें 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक है। टोपियाें की बिक्री फिलहाल औसत दर्जे पर है लेकिन पर्व के नजदीक आने पर इसकी बिक्री भी रफ्तार पकड़ेगी।