महोबा। चिटफंड कंपनी बनाकर सैकड़ों लोगों से निवेश कराने और फिर मैच्योरिटी के समय धनराशि भुगतान करने के बजाय कार्यालय बंद कर फरार हो जाने के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन आरोपियों पर 1.13 करोड़ रुपये की धनराशि हड़पने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शहर कोतवाली के बिलबई निवासी बालकिशन, पनवाड़ी के रामसिंह राजपूत, जैतपुर के विनोद सोनी, महोबा के असलम मंसूरी आदि ने पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि वर्ष 2016 में जिले में चिटफंड कंपनी खोली गई थी। इसका संचालन समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल करती थीं। इस कंपनी में ट्रेनर संजय मुदगिल, फाइनेंशियल एडवाइजर आरके शेट्टी थे। कंपनी का मुख्य कार्यालय धनसौली नवी मुंबई में बताया गया। कंपनी ने अपनी निवेश व लोन योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया और शहर के एआरटीओ कार्यालय के पास एक ऑफिस खोलकर लोगों से निवेश कराना शुरू कर दिया। इस दौरान समीर अग्रवाल, सानिया अग्रवाल, संजय मुदगिल, आरके शेट्टी, शबाब तुसन, निसार अली ने इस कंपनी से जुड़े एजेंटों से कहा कि उन्हें कंपनी में धनराशि जमा कराने पर अधिक कमीशन मिलेगा। साथ ही ग्राहकों को भी दोगुनी रकम का लालच देकर एफडी व आरडी कराई गईं। कई लोगों ने अपने मित्र रिश्तेदारों के रुपये भी इस कंपनी में निवेश करा दिए। लोगों में विश्वास बढ़ाने के लिए कंपनी ने गोल्ड लोन, एग्रीकल्चर लोन, पशुपालन लोन और पर्सनल लोन आदि देने का भी दावा किया। इस पर असलम मंसूरी ने चार लाख, मुहम्मद यूनुस ने तीन लाख, सरफराज मंसूरी ने 20 लाख, शाहिद ने चार लाख, हैदर हुसैन ने पांच लाख, सुहेल अली ने पांच लाख, बालकिशन ने एक लाख, गुलाम नवी ने एक लाख , इसरान ने दो लाख, सईम खान ने दो लाख, रईस खान ने 20 लाख, गनेश ने एक लाख, संतोष नामदेव ने 10 लाख, राम सिंह राजपूत ने 15 लाख, विनोद सोनी ने 20 लाख रुपये कुल मिलाकर एक करोड़ 13 लाख रुपये निवेश किए। मार्च 2024 के प्रारंभ में मैच्योरिटी धनराशि का भुगतान न मिलने पर निवेशकों ने एजेंटों पर दबाव बनाना शुरू किया। एजेंटों ने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने अपने मोबाइल नंबर बदल लिए। इसके बाद से अब तक निवेशकों की कोई धनराशि नहीं लौटाई गई। पीड़ितों की तहरीर पर दोनों डायरेक्टर, चार वरिष्ठ अधिकारियों और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
अभिनेताओं के वीडियो देखकर कर दिया निवेश
महोबा। इस मामले के शिकायतकर्ता रामसिंह राजपूत बताते हैं कि ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए कंपनी बड़े-बड़े होटलों में सेमिनार करती थी। इसके साथ ही बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता भी इस कंपनी से जुड़ी कंपनियों में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का प्रचार करते थे। इनसे प्रभावित होकर लोगों ने निवेश किया और अब वे लोग परेशान घूम रहे हैं।