श्रीनगर (महोबा)। थाना श्रीनगर के डिगरिया गांव में 17 दिन पहले आग से झुलसे भाई की मौत के बाद बहन ने भी दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में मां का इलाज अभी भी चल रहा है। 15 दिन के अंदर भाई-बहन की मौत से परिजन जहां सदमे में है, वहीं गांव में मातम का माहौल है।
डिगरिया गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा की पत्नी कंचन (30) घर पर 21 सितंबर की दोपहर खाना बना रही थी। पास में ही उसकी बेटी मुस्कान (04) और रोशन (02) खेल रहे थे। मां किसी काम से कमरे में चली गई। तभी पास में रखी तारपीन के तेल की बोतल खेलते समय चूल्हे में गिर गई। अचानक आग की लौ उठने पर दोनों मासूम झुलस गए। चीख सुनकर दौड़ी मां भी बच्चों को बचाने में झुलस गई। गंभीर हालत में तीनों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां 23 सितंबर को मासूम रोशन की इलाज दौरान मौत हो गई। मां-बेटी का इलाज जिला अस्पताल छतरपुर में चल रहा था। मंगलवार की रात बेटी मुस्कान ने भी इलाज दौरान दम तोड़ दिया जबकि मां की हालत अभी भी गंभीर बनी है। मृतका के पिता रोहित ने बताया कि बेटी का पोस्टमार्टम छतरपुर में कराया गया है। बेटा और बेटी की मौत से पिता बदहवास है।