शहर के माडल सिटी घोषित होने के बाद भी कोई तस्वीर नहीं बदली है। ऊबड़ खाबड़ और गड्ढायुक्त सड़कें माडल सिटी को चिढ़ा रहीं है। शहर की सड़कों के लिए करोड़ों रुपये आने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने आजतक शहर की मुख्य सड़कों में कार्य शुरू नहीं कराया है। इससे लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक साल पहले महोबा को माडल सिटी घोषित कर दिया था। इसके बाद शहर की की एक दर्जन से ज्यादा गड्ढायुक्त सड़कों के निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये से ज्यादा धनराशि भी स्वीकृत कर दी, लेकिन धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया।
पीपीएन चौराहे से सुभाष चौक तक, आल्हा चौक से मदीना मस्जिद चौराहा तक, सुभाष चौक से पानमंडी तक और नरसिंहकुटी से चरखारी बाईपास तक इन सड़कों पर सारा दिन आवागमन रहता है, लेकिन कार्यदायी संस्था ने इन सड़कों पर आज तक निर्माण कार्य की शुरूआत नहीं कराई है। जबकि इंटीरियल में बसे शेखूनगर और बीजानगर रोड की सड़कों में काम कराया है और शहर के लोग सड़कों का निमार्ण न होने से खासी दिक्कत उठा रहे है।
शहर की मुख्य सड़कों के गड्ढायुक्त हो जाने से वाहन निकलते ही धूल की धुंध छा जाती है। इससे सड़क किनारे निवास करने वाले बाशिंदों का जीना मुश्किल हो गया है। सारा दिन मकानों में धूूल से गंदगी रहती है। इतना ही नहीं सड़क के किनारे स्थित दुकानों में धूल जाने से दुकानदार भी कारोबार नहीं कर पा रहे है। अब कुछ दुकानदारों ने धूल से बचने के लिए दुकानों में सफेद पन्नी लगाने लगे है।