संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/हमीरपुर। बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना लोकार्पण के पांच साल बाद भी पूरी न होने का मुद्दा अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद मामला प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। रविवार की शाम और सोमवार को लखनऊ से आई तीन सदस्यीय टीम ने महोबा व हमीरपुर के कई गांवों में पहुंचकर अर्जुन सहायक परियोजना की हकीकत परखी।
टीम को कई स्थानों पर नहर में कटाव मिला। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। मामले की जांच होने से किसानों को जल्द काम पूरा होने की उम्मीद जगी है। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत महोबा में 90 फीसदी काम पूरा है। कुछ गांवों में नहर की पक्की पिचिंग का काम शेष है जबकि हमीरपुर की ईचौली माइनर अधूरी पड़ी है। कई गांव से निकली नहर में झाड़ियां और विलायती बबूल उग आए हैं। मुख्य नहर की पटरी पर कई स्थानों पर मिट्टी के ढेर लगे हैं।
ऐसे में किसानों के खेतों में नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों की इस समस्या को अमर उजाला ने अभियान चलाकर प्रकाशित किया। पांच जुलाई के अंक में अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना.... कागजों पर पानी, जमीन पर सूखा शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति ने विधानसभा की निर्णायक समिति में नहर का मुद्दा प्रमुखता से रखा था।
प्रदेश स्तर पर मामला पहुंचने पर रविवार की शाम सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता लखनऊ डॉ. सर्वेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में झांसी मुख्य अभियंता बेतवा डॉ. अंबुज द्विवेदी और मुख्य अभियंता राजेश मिश्रा की टीम ने सबसे पहले जनपद महोबा के कबरई बांध पहुंच यहां से निकली नहर को बारीकी से परखा। इसके बाद खन्ना क्षेत्र के कुलकुआं समेत तीन गांवों में नहर की हकीकत परखी। कुछ स्थानों पर नहर में कटाव मिला। जहां के फोटोग्राफ भी टीम की ओर से लिए गए। इसके बाद टीम जनपद हमीरपुर के कपसा गांव पहुंची। टीम ने नहर का स्थलीय निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर नहर में कटाव मिला। हालांकि, टीम ग्रामीणों से दूरी बनाए रही और किसानों से बात नहीं की। इसके बाद सोमवार को टीम ने महोबा के अर्जुन बांध से निकली नहर का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि वह रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।