-किसानों को निशुल्क वितरण के लिए मिले 10 हजार क्विंटल मूंगफली बीज वितरण मेंं गड़बड़झाला
-एक क्विंटल प्रति हेक्टेयर दिया जाना था बीज, दवा व बीज के नाम पर वसूला सुविधा शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/कुलपहाड़। नेशनल मिशन ऑन एडबिल ऑयल-ऑयल सीड्स योजना के तहत आवंटित 10 क्विंटल मुफ्त मूंगफली बीज के वितरण में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। किसानों से पॉस मशीन में दो से तीन बार अंगूठे लगवाए गए। कुछ किसानों को प्रति हेक्टेयर एक क्विंटल मूंगफली के बजाय चार किलो उड़द और दो किलो तिल की मिनीकिट थमा दी गई। अधिकांश किसानों को अंगूठा लगवाने के बाद भी बीज नहीं मुहैया कराया गया। किसानों के हक का बीज कर्मचारी व दलाल डकार गए। मजबूरी में किसानों ने बाजार से बीज खरीदकर बोआई की है।
जिले में 10 हजार क्विंटल मूंगफली का बीज किसानों के वितरण के लिए आया था। नियम के अनुसार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से बीज का वितरण कराया जाना था लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से बीज वितरण करा दिया। किसानों की शिकायत और बीज वितरण में हुए गड़बड़झाले को लेकर सदर विधायक राकेश गोस्वामी व चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही को पत्र लिखकर शिकायत की और जांच कराए जाने की मांग की है। जिसके बाद जांच शुरू हो गई है।
निष्पक्ष जांच होने पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर, उप कृषि निदेशक रामसजीवन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
किसानों ने बताई हकीकत
फोटो 03 एमएएचपी 10 परिचय-इंदर सिंह राजपूत। संवाद
तहसील कुलपहाड़ के सुगिरा गांव के किसान इंदर सिंह राजपूत ने बताया कि उनके पास ढाई हेक्टेयर भूमि है। जब वह बीज लेने कृषि विभाग गए तो उनसे तीन बार अंगूठा लगवा लिया गया लेकिन मूंगफली का बीज उपलब्ध नहीं कराया गया। कहा गया कि वह बाद में आकर बीज ले जाएं लेकिन उन्हें बाद में भी नहीं दिया गया।
फोटो 03 एमएएचपी 11 परिचय-सुरेश। संवाद
ब्लॉक जैतपुर के रंगोली गांव निवासी किसान सुरेश ने बताते हैं कि वह 1.628 हेक्टेयर जमीन के मालिक हैं। जब वह बीज लेने गए तो उनसे तीन बार अंगूठा लगवा लिया गया लेकिन जब बीज नहीं दिया तो उन्होंने पूछा कि बीच क्यों नहीं मिल रहा तो उन्होंने पंजीकरण में गड़बड़ी बता कर मूंगफली का बीज देने से इनकार कर दिया।
फोटो 03 एमएएचपी 12 परिचय-दर्शन सिंह यादव। संवाद
सुगिरा गांव के किसान दर्शन सिंह यादव ने बताया कि उनके पास डेढ़ हेक्टेयर भूमि है। बताया कि वह मूंगफली का बीज लेने गये थे लेकिन उन्हें बीज नहीं दिया गया। कृषि विभाग के लोग टालमटोल करते रहे। बाद में उन्हें बाजार से बीज खरीदकर खेतों की बोआई करना पड़ी।
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी को पत्र सौंपकर किसानों की समस्या बतातीं अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह। स्रोत: स्वयं
महोबा। भाजपा किसान मोर्चा महोबा के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा के भेजे पत्र का महोबा निवासी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी को पत्र सौंपकर अवगत कराया। आरोप लगाया कि जिले में कृषि विभाग की ओर से एफपीओ से संचालित मूंगफली बीज वितरण कार्यक्रम में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। कुछ स्थानों पर किसानों से अवैध धनराशि वसूले जाने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। (संवाद)
जांच टीम आने से पहले पहुंचे दलाल व कर्मचारी
फोटो 03 एमएएचपी 14 परिचय-सुगिरा गांव में बीज वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार। संवाद
मामले में डीएम गजल भारद्वाज ने टीमें गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। जांच करने राजस्व विभाग की टीम सोमवार को कई गांवों में पहुंची। नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में टीम सुगिरा और सतारी गांव पहुंची लेकिन टीम के पहुंचने के पहले ही विभाग के कुछ कर्मचारी व दलाल पहुंच गए। इससे किसानों ने टीम को बयान नहीं दिए। बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचने से पहले कृषि विभाग के कर्मचारी, बिचौलिये और रुपये वसूलने वालों ने पहुंचकर किसानों को मैनेज करने की कोशिश की। इससे किसानों ने नाराजगी नजर आई। सुगिरा गांव के सुबोध पटैरिया ने बताया कि टीम के पंहुचने के पहले ही किसी बिचौलिये ने बयान दर्ज कर लिए व जांच में उनके पंजीयन में कमी लिख दी गई। कई किसानों ने बताया कि उनसे 80 किलो मूंगफली बीज के एवज में दो हजार रुपये लिए गए लेकिन रसीद नहीं दी गई। उधर, नायब तहसीलदार का कहना है कि वह जांच करने गए थे। अन्य लोग किसान बनकर आए हैं। उन्हें वह भी जानते हैं। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।