बेलाताल (महोबा)। मंडी शुल्क पर अच्छी आमदनी देने वाली उप मंडी जैतपुर में किसान सुविधाआें के अभाव में जूझ रहे हैं। मंडी में पेयजल संकट के साथ-साथ बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण किसान कड़ी धूप का सामना कर रहे हैं। इतना ही नहीं जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे सब्जी विक्रेताआें को सारा दिन दुर्गंध के बीच समय गुजारना पड़ रहा है। वहीं विभागीय अधिकारी व्यवस्था के सुधार के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
कसबा जैतपुर की उप मंडी में क्षेत्र के लमौरा, कैथोरा, बगवाहा, थुरट, छितरवारा, अमानपुरा, दादरी घटेरा, ननवारा, रगौलिया बुजुर्ग, मवइया, बुधौरा, अजनर, मगरिया, स्यावन सहित 24 गांवाें के किसान उप मंडी जैतपुर में ही उपज की बिक्री के लिए भारी संख्या में आते हैं। किसानाें की भीड़ से मंडी परिसर खचाखच भर जाता है। इतना ही नहीं बुधवार व शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगने के कारण बेतहाशा भीड़ के बीच वाहनाें का निकलना मुश्किल हो जाता है। साथ ही व्यापारियाें की आढ़ताें पर खासा हुजूम दिखाई देता है। ग्राम कैथोरा के रामाधार यादव, बछेछर कला के राजेश राजपूत, छितरवारा के महेश पाठक, जैतपुर के धूराम यादव का कहना है कि मंडी में किसानाें की उपज बिक्री से लाखाें की आमदनी सरकार को हो रही है लेकिन किसानाें के बैठने के लिए न तो टीन शेड की व्यवस्था है और न ही पेयजल मुहैया हो पाता है जिससे कुएं से प्रदूषित पानी पीना मजबूरी बना हुआ है। इतना ही नहीं हैंडपंप भी आए दिन खराब हो जाते हैं जिससे पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। मंडी परिषद से पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। सब्जी के थोक विक्रेता बब्बू राइन, रामकुमार, हीरालाल कुशवाहा, मोहनलाल कुशवाहा, ओमप्रकाश अनुरागी का कहना है कि मंडी परिसर में गंदगी होने से सारा दिन बैठना मुसीबत बना रहता है। साथ ही सुअराें के विचरण से गंदगी फैल रही है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।