महोबा। फर्जी तहसीलदार बनकर अवैध वसूली करना असली तहसीलदार की गले की हड्डी बन गया है। फर्जी तहसीलदार के साथ असली तहसीलदार के होमगार्डों का शामिल होने से तहसीलदार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार चरखारी के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। इसके साथ ही उन्हें तहसीलदार पद से हटाकर लेखपाल ट्रेनिंग सेंटर चरखारी भेजने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम भटेवरा कला निवासी जानकी प्रसाद 28 अप्रैल को सुबह 5 बजे तहसीलदार चरखारी उमेश शुक्ला के दो होमगार्डों के साथ तहसील गेट के पास ट्रकाें को रोककर अवैध वसूली कर रहा था। इस पर एक ट्रक चालक से वसूली को लेकर विवाद हो गया। ट्रक चालक ने कोतवाली को सूचना दी। मौके पर पहुंचे चरखारी कोतवाल रमेश चंद्र ने फर्जी तहसीलदार और होमगार्डों को अवैध वसूली करते पकड़ लिया। उन्हें कोतवाली लाया गया।
बाद में जिलाधिकारी के आदेश पर फर्जी तहसीलदार और होमगार्डों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। फर्जी तहसीलदार के साथ असली तहसीलदार उमेश शुक्ला के साथ चलने वाले होमगार्डों की मौजूदगी ने तहसीलदार की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया था। इस मामले को जिलाधिकारी डा. काजल ने गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध होने की जांच शुरू करा दी है। साथ ही तहसीलदार के पद से हटाकर उन्हें लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र चरखारी भेजने के निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए हैं।