खरेला महोबा। एक पखवारा पहले खरेला कसबे का ट्रांसफार्मरफुंकने के बाद भी आज तक नहीं बदला गया। जिससे एक चौथाई कसबा अंधेरे में डूबा हुआ है। वहीं ग्राम पहरेथा के दलित आबादी की चार माह पहले जली डीपी न बदले जाने से ग्रामीण परेशान हैं। महकमे द्वारा डीपी न बदले जाने से ग्रामीणाें में आक्रोश है।
खरेला के 33 केवी पावर हाउस के फीडर से जुड़े मानिक मोहल्ले का ट्रांसफार्मर 15 दिन पहले फुंक गया था। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से मानिक, डींगुरराय, शनीचरी बाजार, बजरिया के बाशिंदे अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणाें का कहना है कई बार बिजली विभाग के अधिकारियाें को अवगत कराया गया। इसके बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा है। जबकि पावर कनेक्शन के साथ-साथ सैकड़ा भर कनेक्शन धारक इस लाइन से जुड़े हैं। वहीं इसी पावर हाउस से जुड़े ग्राम पहरेथा की दलित आबादी के बीच लगी डीपी चार माह से फुंकी पड़ी है। संतराम, इंदल, रामरती, मगन, महेंद्र, हीरा, कृपाल, शिवकुमार, गंगवा, रामफल आदि ने बताया कि एक दर्जन से अधिक कनेक्शन धारकाें को चार माह से बिजली नहीं मिल पा रही है। लेकिन बिल लगातार आ रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि विभागीय जेई को अवगत कराया। लगातार डीपी न होने का हवाला देकर टरकाया जा रहा है। जेई नवनीत यादव का कहना है कि खरेला का जला ट्रांसफार्मर और पहरेथा की डीपी का स्टीमेट बना दिया गया है। दो चार दिन बाद स्टोर में आते ही उन्हें बदलवा दिया जाएगा।