महोबा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले के 60 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में जल्द ही 15 लाख रुपये के बजट से चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर (गोलाकार डेस्क) मुहैया कराया जाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) की ओर से फर्नीचर का डिजाइन तैयार किया गया है। फर्नीचर के लिए प्रत्येक को-लोकेटेड केंद्र पर 25-25 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र के परिषदीय विद्यालयों में संचालन को लेकर प्राइमरी स्तर की बेहतर पढ़ाई के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल मैत्री फर्नीचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर पांच-पांच फर्नीचर का इंतजाम किया जाएगा। बच्चे सुगमता से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ककहरा सीख पाएंगे। बच्चों की सहूलियत के हिसाब से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद की ओर से फर्नीचर का मानक निर्धारित किया गया है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई करने में सुगमता होगी। खरीदारी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। शिक्षण सत्र 2025-26 में यह फर्नीचर संबंधित केंद्रों पर पहुंच जाएगा। जनपद में 114 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में से 54 केंद्रों पर पहले ही यह फर्नीचर पहुंचाया जा चुका है। अब यह फर्नीचर 60 केंद्रों पर और पहुंचाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक प्रशिक्षण एवं गुणवत्ता प्रवीन वर्मा ने बताया कि को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में जल्द ही डेस्क की व्यवस्था कराई जाएगी। इससे पहले 34 केंद्रों पर बच्चों के लिए झूले भी पहुंचाए जा चुके हैं।