महोबा। डेढ़ वर्ष पहले किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म का शिकार बनाए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने सोमवार को फैसला सुनाया। दोषसिद्ध हो जाने पर अदालत ने अभियुक्त को बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 40 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दस माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
थाना खरेला के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी को एक युवक 08 अगस्त 2018 को अगवाकर ले गया था। युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह चंगुल से छूटकर घर पहुंची किशोरी ने परिजनों को पूरी घटना बताई। किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म व पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में चल रहा था। न्यायाधीश राम किशोर शुक्ला ने गवाहों के आधार सोमवार को पर फैसला सुनाया। अभियुक्त को 20 वर्ष के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। शासकीय पक्ष से मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह ने की। अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दहेज हत्या में पति, देवर व सास को सजा
महोबा। दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने पति, देवर व सास को सजा सुनाई। जनपद फतेहपुर के ग्राम पाता गली निवासी भाग्यवती पत्नी मनोहर ने अपनी पुत्री गुड्डी की शादी 27 मई 2011 को शहर के मोहल्ला नयापुरा नैकाना निवासी विनोद कुमार के साथ की थी। शादी के समय मांग के अनुसार भरपूर दान-दहेज दिया गया था लेकिन ससुरालीजन बाइक व सोने की चैन की मांग को लेकर गुड्डी को प्रताड़ित करते रहे और वर्ष 2014 में उसे जलाकर मार दिया था। मृतका की मां ने पति विनोद कुमार, देवर मनोज, सास रामप्यारी, ससुर रमेश चंद्र व विनोद के बहनोई लखन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ससुर की मौत हो गई थी। सोमवार को विद्वान की अवनीश कुमार राय ने पति को आठ साल जबकि देवर व सास को 7-7 साल की सजा सुनाई। विनोद के बहनोई लखन पर दोषसिद्ध न होने पर उसे बरी कर दिया गया।