राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिला पोषण एवं स्वास्थ्य समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी शंकरलाल त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इसमें अधिकारियों को गोद लिए गए गांवों को कुपोषण मुक्त बनाने के निर्देश दिए गए।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ ने पिछली बैठक की समीक्षा की। इसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अगले छह माह के अंदर 5,426 ग्रामों को कुपोषण मुक्त किया जाना है।
ऐसे में अधिकारियों को गोद लिए गांवों को विशेष रूप से देखने की जरूरत है। मैगाकाल सेंटर से मिली रिपोर्ट के अनुसार जिले में बीएचएनडी सेशन की स्थिति 81 प्रतिशत है जो असंतोषजनक है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बीएचएनडी के दिन संबंधित गांव में जाकर कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे।
साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को कुपोषण मुक्त अभियान में आने वाली समस्याओं को दूर करेंगे। ताकि समय सीमा के अंदर गांवों को कुपोषण मुक्त किया जा सके।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके वार्ष्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. बीआर अहिरवार, डीपीआरओ दयाराम कुशवाहा, सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
गांवों को कुपोषण मुक्त बनाएं- सीडीओ
मैगाकाल की रिपोर्ट में जिले की स्थिति असंतोषजनक