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गरीबों तक नहीं पहुंच रही सरकार की योजनाएं

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आशियाने की आस
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फुटपाथ पर जिंदगी
- एक दर्जन गरीबों तक नहीं पहुंच रही सरकार की योजनाएं
02 परिचय- झुग्गी, झोपड़ियों में भीषण गर्मी में रहते लोग
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। मजबूरी में एक दर्जन दलित परिवार तिरपाल और पालीथिन के सहारे जिंदगी गुजार रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं से वंचित गरीब प्र्रशासन से आशियाने की आस लगाए बैठे हैं।
शहर के मुख्य मार्ग में कोतवाली के पास बाबूलाल, रिंकी, उर्मिला, छोटूू, शीला, श्यामू, भुग्गन समेत एक दर्जन अनुसूचित जनजाति के परिवार खुले आसमान के नीचे सर्दी, गर्मी और बरसात में बिना छत के गुजर बसर कर रहे हैं। इन झुग्गी झोपड़ियों में बिजली कनेक्शन न होने से भीषण गर्मी में पंखे कूलर नहीं चल पा रहे है। इन गरीब परिवारों को आशियाने की दरकार है लेकिन सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद आवास योजनाएं इन गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहीं हैं।
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बाबूलाल और श्याम ने बताया कि उनका परिवार 30 साल से झुग्गी झोपड़ी बनाकर इसी स्थान पर रह रहे हैं। माता-पिता भी खुले आसमान के नीचे रहते थे। उन्होंने बताया कि आसपास कोई पानी का इंतजाम न होने से दूर लगे हैंडपंपों से पानी लाते हैं। पूर्व सरकारों की कांशीराम आवास योजना, आसरा आवास योजना, इंदिरा आवास योजना जैसी तमाम योजनाएं चलती रही लेकिन इन योजनाओं का भी लाभ नहीं मिला।
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