अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर मंगलवार को जिले के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। जिससे अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं हो सके। मुकदमों की पैरवी के लिए आए वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। चरखारी के अधिवक्ताओं ने मांगों को लेकर कस्बे में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला और तहसील मुख्यालय में अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी को सौंपा।
बार एसोसिएशन महोबा के अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी की अध्यक्षता में अधिवक्ता समिति की बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सहदेव को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के लिए पांच वर्ष की अवधि तक 10 हजार रुपये मासिक मानदेय किए जाने, अधिवक्ताओं और उनके आश्रितों की अचानक मृत्यु पर आर्थिक संरक्षण की व्यवस्था किए जाने, अधिवक्ताओं को बैठने की सुविधाएं, पुस्तकालय और ई-पुस्तकालय, इंटरनेट सुविधाएं, महिला अधिवक्ताओं के लिए बैठने और शौचालय व्यवस्था कराने की मांग की। बैठक में महामंत्री, कृष्णगोपाल द्विवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र विक्रम सिंह, प्रदीप राजपूत, प्रदीप कुमार यादव, श्याम किशोर द्विवेदी, उमेश यादव सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार बार एसोसिएशन चरखारी के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह राजपूत, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद मिश्रा के निर्देशन में अधिवक्ताओं ने दस सूत्री मांगों को लेकर कस्बे में सिविल कोर्ट परिसर से जुलूस निकाला। जो ड्योढ़ी दरवाजा, सदर बाजार, वीपार्क, घड़ी मस्जिद होते हुए तहसील परिसर में पहुंचकर समाप्त हो गया है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालो में नाथूराम यादव, हनी मिश्रा, मंगल सिंह राजपूत, नरेश लक्षकार, मो. सफीक, अभय खरे, राकेश मिश्रा, सुरेंद्र यादव शामिल रहे।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार बार एसोसिएशन कुलपहाड़ के अध्यक्ष जमुना प्रसाद सोनी के निर्देशन में वकीलों ने नारेबाजी की। एसडीएम जंगबहादुर यादव को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अयोध्या सिंह , हरिशंकर, कृष्ण गोपाल, बृजेंद्र द्विवेदी, मोतीलाल राजपूत, सुरेंद्र मिश्रा शामिल रहेे।