फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाधि लेने के बाद ग्रामीण को 24 घंटे बाद जिंदा निकाला

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अजनर (महोबा)। थाना अजनर के ग्राम टिकरिया में बड़े हनुमान मंदिर के समीप एक ग्रामीण ने समाधि ले ली। 24 घंटे बाद परिजनों द्वारा उसे जिंदा निकाल लिया गया। समाधि का रहस्य जानने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। पूरे दिन पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। समाधि लेने वाले ग्रामीण ने बताया कि स्वप्न आने पर सिद्घि के लिए समाधि ली थी।
ग्राम टिकरिया निवासी पूर्व प्रधान फूलचंद्र राजपूत के भाई रामपाल (40) पुत्र हरलाल ने गांव के पुरानाखेड़ा स्थित बड़े हनुमान मंदिर के समीप सोमवार को दोपहर 12 बजे जमीन में समाधि ली। जमीन में 6 फीट लम्बा और 4-4 फीट गहरा व चौड़ा गड्ढा खोदा गया। समाधि के दौरान रामपाल के परिजनों के अलावा किसी को भनक तक नही लगी। मंगलवार को दोपहर 12 बजे ही समाधि खोली गई तो ग्रामीणों का तांता लग गया। क्षेत्र के सैकड़ों लोग वहां पहुंचे और इस रहस्य को जानने लगे। समाधि से निकले रामपाल ने बताया कि 15 वर्ष पहले उसे तिल्ली की बीमारी हुई थी। इलाज से बीमारी ठीक न होने पर वह भगवान हनुमान के चरणों में गया और उनकी सेवा शुरू की। जिससे बीमारी ठीक हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद से रामपाल ने लगातार रामधुन चालू की और पैदल चलकर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में स्थापित हनुमान मंदिरों में सेवा करता रहा। रामपाल ने बताया कि उसे स्वप्न आया कि तुम समाधि लेकर सिद्ध करो और यहां के नाम का जल आदि लोगों को दो। जिससे बड़ी से बडी बीमारी ठीक होगी। समाधि से निकलने के बाद रामपाल ने 365 सुंदर कांड के पाठ एक दिन में कराने का संकल्प लिया। उधर ग्राम प्रधान विमलेश राजपूत का कहना है कि यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा है। कोई षडयंत्र बनाया जा रहा है। वहीं थानाथ्यक्ष आनन्द कुमार का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें