मधुमेह की बीमारी से पीड़ित अधेड़ को जिला अस्पताल में भर्ती करने के बाद कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। गुरुवार की देरशाम उसकी मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।
मामले की शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों से की गई है। मध्यप्रदेश के पुरा दिदवारा गांव निवासी वीरेंद्र शुक्ला (47) पुत्र चिरंजीलाल मधुमेह की बीमारी से पीड़ित था।
गुरुवार की सुबह परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर के दवा लिख दी। दवा खिलाने के बाद वीरेंद्र की हालत और बिगड़ गई तब परिजन भर्ती करने वाले डॉक्टर को तलाशते रहे, लेकिन वह देर शाम तक नहीं आए। रात करीब आठ बजे वीरेंद्र की मौत हो गई।
घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल में ही चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा।
मृतक के पुत्र अंकित व संदीप का आरोप था कि दवा खिलाने से पहले पिता की हालत ठीक थी, लेकिन बाद में बिगड़ गई। यदि डाक्टर समय से आ जाते तो पिता की जान बच जाती। उन्होंने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
उधर जिला अस्पताल में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि मरीज डायबिटीज से पीड़ित था। हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया था, लेकिन परिजन नहीं ले गए। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने मरीज को देखा है। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
इलाज में लापरवाही से अधेड़ की मौत, परिजनों का हंगामा
मरीज को भर्ती करने के बाद देखने तक नहीं आया डाक्टर