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चुनाव की आहट देख शासन ने खनिज पट्टों में घटाई स्टांप ड्यूटी

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चुनाव की आहट देख शासन ने खनिज पट्टों में घटाई स्टांप ड्यूटी
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अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। मई 2017 में नई खनिज नीति लागू होने के बाद ई-नीलामी द्वारा खनन पट्टे स्वीकृत करने की प्रक्रिया चालू की गई लेकिन पिछले वर्ष स्टांप ड्यूटी के लिए जारी शासनादेश के तहत करोड़ों रुपये स्टांप ड्यूटी मद में लग रहे थे। जिससे पट्टाधारक स्वीकृत खनन पट्टों का निष्पादन नहीं करा पा रहे थे और जिले में खनन पट्टे घटने के कारण मंडी बंदी की कगार पर पहुंच गई थी। अब चुनाव की आहट देख शासन ने खनन पट्टों में स्टांप ड्यूटी 75 प्रतिशत तक घटा दी है। जिससे रुके हुए पट्टों का तेजी से निष्पादन हो सकेगा और सामान्य लोग भी खनन पट्टे ले सकेंगे।
प्रदेश में मई 2017 से जारी नई खनिज नीति के बाद ई-नीलामी से खनन पट्टों के निष्पादन की प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही थी। जिसमें बीस वर्ष की अवधि के लिए खनन पट्टा देने का प्रावधान था। साथ ही स्टांप विभाग द्वारा ई-नीलामी की बीस वर्ष समयावधि की कुल धनराशि पर दो प्रतिशत स्टांप ड्यूटी खनन पट्टा निष्पादन के लिए ली जा रही थी। जो बहुत अधिक थी। जिससे स्वीकृत पट्टाधारक अपने पट्टों का निष्पादन नहीं करा पा रहे थे। वर्तमान में महोबा जिले के बघवा गाटा संख्या एक रकबा 3 हेक्टेयर में 390 रुपये ई-नीलामी बोली स्वीकृत होने पर बीस वर्ष का कुल किराया 67 करोड़ 81 लाख 58 हजार 904 रुपये था। जो बीस वर्ष की अवधि में सरकार को देय है। इस पर स्टांप विभाग द्वारा दो प्रतिशत की दर से 1 करोड़ 35 लाख के स्टांप खनन पट्टा के निष्पादन बाबत मांगे जा रहे थे। करोड़ों की स्टांप ड्यूटी देख पट्टा धारकों के होश उड़ गए और स्वीकृत पट्टाधारक खनन पट्टों की रजिस्ट्री कराने से बचने लगे। जिससे पूरे जिले में पट्टे घटने के कारण कच्चे माल की कमी बढ़ गई और क्रशर प्लांट बंद होने लगे। नए शासनादेश के बाद अब यहीं स्टांप राशि घटकर 33 लाख हो जाएगी।
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शासन ने पट्टों में निष्पादन में स्टांप ड्यूटी की समस्या को देखते हुए स्टांप ड्यूटी की दरें घटाने का निर्णय लिया और प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया कि बीस वर्ष की अवधि के लिए खनन पट्टे का निष्पादन होने पर भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 की धारा 35 (क) के अधीन स्टांप ड्यूटी पूर्ववत की जाती है। इस नियम के तहत अब खनन पट्टा निष्पादन की कुल राशि का देय स्टांप 75 प्रतिशत घट जाएगा।
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आईजी स्टांप से निर्देशों के बाद ही लागू होगा नियम
महोबा। स्टांप एवं कर निबंधन विभाग के एआईजी स्टांप शंभूनाथ यादव ने बताया कि नया शासनादेश केवल बीस वर्ष की अवधि के लिए निष्पादित होने वाले पट्टों में लागू होगा। इसके लिए आईजी स्टांप से विचार-विमर्श किया जा रहा है। उनके निर्देशों के क्रम में ही पट्टों का निष्पादन कराया जाएगा।
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