जिला अस्पताल में उपचार के दौरान पिता की मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस का इंतजाम न किए जाने से नाराज बेटा पिता का शव कंधे पर लादकर चल दिया। इससे अस्पताल में खलबली मच गई और आनन फानन में एंबुलेंस मुहैया कराई गई।
कस्बा कुलपहाड़ निवासी भगवानदास बसोर (58) पुत्र सुम्मेरा के बीमार होने पर उसे बुधवार की शाम को उसका बेटा राजा जिला अस्पताल लाया। जहां पर उपचार के दौरान पिता की मौत हो गई।
बेटा पिता अपने घर कुलपहाड़ ले जाने के लिए चिकित्सकों से एंबुलेंस के इंतजाम के लिए गिड़गड़ाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक नही सुनी। इससे आहत होकर बेटा पिता के शव को कंधे पर लादकर चल दिया।
इससे खलबली मच गई। अस्पताल से बाहर निकलकर वह किसी वाहन से पिता के शव को शहर के मोहल्ला कसौड़ापुरा में अपने रिश्तेदार के यहां ले गया।
इसकी खबर मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके वार्ष्णेय ने आनन फानन में एंबुलेंस का इंतजाम कराकर शव को उसके घर कुलपहाड़ भिजवाया।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरपी मिश्रा का कहना है कि किसी भी मरीज व तीमारदार ने एंबुलेंस की व्यवस्था की कोई बात नहीं की। अस्पताल में हर समय एंबुलेंस उपलब्ध रहती है।