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बुंदेलखंड के किसानों को बजट में खास राहत नहीं

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महोबा। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किए गए बजट पर किसानों ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की। किसानों का कहना है कि बुंदेलखंड के किसानों के लिए सरकार को बजट में अलग से कोई व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं को रोका जा सके।
योगी और मोदी ने बड़े किसानों की उपेक्षा की
बिलरही के पूर्व प्रधान रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि बड़े किसानों को योगी ने कुछ नहीं दिया और अब मोदी ने भी बजट में कुछ नहीं दिया। सिर्फ दो हेक्टेयर तक के किसानों को मासिक 500 रुपये देने की बजट में घोषणा दी है। जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। बुंदेलखंड में 80 फीसदी भूमि पर बुुआई नहीं हुई लेकिन सरकार ने बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया।
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खाते में पैसा आने पर मानेंगे
सलारपुरा निवासी किसान रामआसरे का कहना है कि बजट में किसानों को छह हजार रुपये सालाना दिए जाने का प्रावधान किया है। उनका कहना है कि जब खाते में पैसा आ जाएगा तब वह मानेंगे क्योंकि मोदी जी ने पहले भी खातों में 15-15 लाख रुपये भेजने का वादा किया था। जो आजतक नहीं आया।
छह हजार रुपये से मिलेगी राहत
श्रीनगर निवासी आशाराम का कहना है कि सरकार ने किसानों के लिए कुछ तो सोचा। यदि वह छह हजार रुपये भी सालाना देती है तो किसानों के लिए यह अच्छा कदम है। दो हेक्टेयर तक के किसानों को छह-छह हजार रुपये सालाना दिए जाने की घोषणा से किसान खासा गदगद है।
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बैंक एफडी में 40 हजार ब्याज पर नहीं लगेेगा टैक्स
निजी सेक्टर में एफडी के नाम पर मध्यम वर्ग द्वारा किए जा रहे निवेश पर आएदिन पैसा जांच के दायरे में आकर भुगतान फंस जाते थे। ऐसी स्थिति में पिछले एक दशक से लोगों को रुझान बैंकों की एफडी की तरफ हुआ और लोग तेजी से बैंकों में एफडी करने लगे। अभी तक एफडी में निवेशित धनराशि में 10,000 से अधिक प्राप्त ब्याज पर टैक्स देय था। जिसकी सीमा बढ़ाकर अब 40 हजार रुपये कर दी है, जिससे बैंकों में एफडी करने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।

बुंदेलखंड के किसानों को बजट में खास राहत नहीं
-बजट को लेकर किसानों ने व्यक्त की मिलीजुली प्रतिक्रिया
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