महोबा। कस्बा चरखारी के मोहल्ला छोटा रमना में पत्नी की हत्या कर पति द्वारा फांसी लगा लिए जाने की घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस कोई नया सुराग नहीं ढूढ़ सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पत्नी की गला दबाने और पति की फांसी लगाने से मौत होने की पुष्टि हुई है। मृतक के परिजनों द्वारा किसी प्रकार का कोई आरोप-प्रत्यारोप न लगाए जाने से आगे की कार्रवाई पर विराम लग गया है।
मोहल्ला छोटा रमना निवासी बलराम चंसौरिया दूध डेयरी चलाकर अपना परिवार का भरण-पोषण करता था। वह दुकान में ही पत्नी मीरा के साथ रहता था जबकि बड़ा पुत्र पंकज भैंसासुर मोहल्ले में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता था और छोटा पुत्र सज्जन उरई के मलूपुरा में निवास बनाए था। रविवार की सुबह बलराम और उसकी पत्नी मीरा का शव दूूध डेयरी कीदुुकान से बरामद हुआ था। पुलिस अधीक्षक ने घटना के हर पहलू पर कोतवाली पुलिस को जांच के आदेश दिए थे।
पुलिस द्वारा 36 घंटे की गई जांच के बाद कोई नया तथ्य उभरकर नहीं आया। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मीरा की गला दबाने और बलराम के फांसी लगाकर जान देने की पुष्टि हुई। जिससे पुलिस दोनों के बीच विवाद के बाद पति द्वारा पत्नी को मारकर स्वयं खुदकुशी करने की बात कही जा रही है। परिजनों ने भी किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया। जिससे पुलिस जांच के लिए आगे का कदम नहीं उठा पा रही है। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि घटना के प्रत्येक पहलू की जांच कराई गई है। हत्या के बाद आत्महत्या का मामला सामने आया है। पीएम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है।
घटना के बाद बड़े बेटे ने खोई सुुधबुध
एक साथ माता-पिता की मौत होने से दोनों जवान बेटों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़ा पुत्र पंकज घटना के बाद से अपनी सुधबुध खो बैठा है। किसी के कुछ पूछने व बात करने पर वह फफककर रो पड़ता है जबकि छोटा पुत्र सज्जन भी कुछ नहीं बता पा रहा है। सोमवार को पूरे दिन महिलाओं और पुरूषों के मृतक परिवार के घर आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। लोग ढांढस बंधाते रहे।
36 घंटे की जांच में पुलिस नहीं ढूढ़ सकी नया सुराग
-पीएम रिपोर्ट में महिला की गला दबाने और पति के खुदकुशी करने की हुई पुष्टि