महोबा। किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के चार साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। दोषी को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 24 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी 28 सितंबर 2020 को किसी काम से श्रीनगर बैंक आई थी, तभी वह लापता हो गई। पिता ने गांव के ही काली चरन पर बेटी को अगवा कर ले जाने का आरोप लगाया। बतायाकि बेटी अपने साथ घर में रखे जेवर भी ले गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी कालीचरन के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने किशोरी को ढूंढ निकाला। किशोरी ने बयान में बताया कि वह बैंक गई थी। तभी कालीचरन उसे जबरन दिल्ली ले गया। वहां झोपड़ी में रखकर दुष्कर्म किया। साथ ही शादी के लिए दबाव बनाता रहा लेकिन उसने मना किया। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाई।
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम संदीप चौहान ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।