हिज्जा की दसवीं तारीख को दी जाती है कुर्बानी
परंपरागत तरीके से 28, 29 और 30 मई को दी जाएगी कुर्बानी
महराजगंज। इस्लामिक कैलेंडर का आखिरी महीना अल हिज्जा की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। 28 मई को बकरीद मनाई जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मौलाना अब्दुल कयूम मिसबाही ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन नमाज के बाद पैगंबर इब्राहिम की सुन्नत को याद करते हुए बकरे, भेड़ या अन्य जायज जानवर की कुर्बानी दी जाती है।
जनपद में बकरीद यानी ईद-उज-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी। इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने जिल हिज्जा का चांद रविवार को चांद नहीं दिखा। जिससे यह साफ हो गया कि तीन दिन का त्योहार बकरीद 28 से शुरू होगा। मंगलवार से जिल हिज्जा महीने की शुरूआत हो गई। मौलाना मिसबाही ने बताया कि जिल हिज्जा की दसवीं तारीख को बकरीद मनाई जाती है। बीते रविवार को चांद की उम्मीद लगाई जा रही थी लेकिन चांद का तस्दीक नहीं हुई। इस कारण से बकरीद 28 मई को मनाए जाने की घोषणा की गई है। मौलाना ने कहा कि बकरीद के चांद की सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस्लाम धर्म में बकरीद का खास महत्व है। इसी दिन सऊदी अरब में हज पूरा होता है। इस बार परंपरागत तरीके से तीन दिन 28, 29 और 30 मई को कुर्बानी दी जाएगी।
1.20 लाख का बिका परतावल मंडी में सबसे महंगा बकरा
बकरीद के मद्देनजर बकरों की खरीद-फरोख्त शुरू हो चुकी है। बृहस्पतिवार को परतावल मंडी में लगभग 140 से अधिक बकरे बिके। इन्हें खरीदने के लिए कप्तानगंज, भटहट, रामकोला से अकीदतमंद पहुंचे जिन्होंने अपने बजट के मुताबिक उम्दा नस्ल के बकरों की खरीद कुर्बानी के लिए की। कारोबारी शरीफुद्दीन कुरेशी ने बताया कि सबसे महंगा बकरा 1.20 लाख रुपये में बिका जो देखने में काफी आकर्षक था।