13 जून की सुबह यूकेलिप्टस की टहनी काटते समय हुआ था हादसा
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दे दिया जवाब, घर पर हुई मौत
अड्डा बाजार। नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव बैजनाथपुर उर्फ चरका में यूकेलिप्टस की टहनी काटते समय करंट की चपेट में आने से घायल युवक की मंगलवार को मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार, नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव बैजनाथपुर उर्फ चरका में 11 हजार केवीए के बिजली के तार के नजदीक एक यूकेलिप्टस का पेड़ है। इंद्रजीत विश्वकर्मा (40) ने लंबे छड़ में हंसिया जोड़कर लग्गी बनाया था। 13 जून की सुबह करीब 7.45 बजे उसी से जमीन पर खड़े होकर पेड़ की फैली टहनियों को काट रहे थे। उस वक्त तार में करंट प्रवाहित हो रहा था।
टहनी काटते समय वह करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर गए। मौके पर मौजूद परिजन घटना के बाद शोर मचाने लगे। आसपास के लोग तुरंत दौड़े और सूखी लकड़ी से मारकर उन्हें करंट से अलग करके तत्काल अस्पताल ले गए। ग्राम प्रधान मोल्हई ने बताया कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज उन्हें भर्ती करवाकर इलाज कराया गया। इलाज के दौरान डॉक्टर के जवाब दे देने पर उन्हें रविवार को घर लाया गया था। घर पर ही मंगलवार की सुबह उनकी मौत हो गई।
छिन गया परिवार का एकमात्र सहारा
हाईटेंशन करंट की चपेट में आने के बाद महीना भर चले इलाज के दौरान मौत से जूझते हुए बैजनाथपुर उर्फ चरका निवासी इंद्रजीत के सांसों की डोर आखिरकार मंगलवार को टूट गई। उनकी मौत से परिवार का एकमात्र सहारा छिन गया है। गांव के निकट डूड़ी नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया गया है कि इंद्रजीत चार भाइयों में बड़े थे। बहन मंजू की शादी हो चुकी है। सभी भाई अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं । यहां तक कि मृतक की माता अनारी और पिता राजबली भी अलग रहते हैं। इंद्रजीत ट्रक चला कर परिवार का भरण पोषण करते थे। बड़ी बेटी किरण की शादी हो चुकी है। दो बेटियां सुमन और पूनम तथा 10 वर्षीय बेटा भोला अड्डा बाजार में पढ़ते हैं। मृतक की मां, पत्नी कांति और सभी बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
बिजली निगम ने जारी की एडवाइजरी
महराजगंज। बारिश शुरू होते ही करंट की चपेट में आने के मामले बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए बिजली निगम ने क्षेत्रवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। निगम ने जिम्मेदारों ने बताया कि बारिश के दौरान नमी और पानी के संपर्क में आने से बिजली के तारों, खंभों, ट्रांसफाॅर्मरों और अन्य उपकरणों में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। अधीक्षण अभियंता वाईपी सिंह ने कहा कि यदि बारिश के दौरान किसी खंभे, तार या केबल में स्पार्किंग हो रही हो और आसपास पानी भरा हो तो उस रास्ते से गुजरने से बचें तथा अन्य लोगों को भी सतर्क करें। बिजली के तार, केबल, खंभे, ट्रांसफाॅर्मर की फेंसिंग और स्टे वायर को किसी भी परिस्थिति में न छुएं। इसके अलावा बिजली के खंभों या स्टे वायर के पास पशुओं को न बांधें, क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा हो सकता है। ब्यूरो