सोनौली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार की शाम भारत-नेपाल सीमा से सटे बौद्ध तीर्थस्थल लुंबिनी में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन नेपाल स्थित भारतीय दूतावास, स्वामी विवेका नंद सांस्कृतिक केंद्र तथा लुंबिनी विकास कोष ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
इस अवसर पर लुंबिनी प्रदेश प्रमुख कृष्ना बहादुर धर्ती मगर ने कहा कि आधुनिक शहरी जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए योग अत्यंत प्रभावी साधन है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों तथा लंबे समय तक कार्यालयों में कार्य करने वाले लोगों को नियमित रूप से योग अथवा पैदल भ्रमण करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, शहरों में रहने और काम करने वाले लोगों के लिए योग सबसे उपयोगी है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में योग को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, शांति और मानव कल्याण का माध्यम बताते हुए नियमित अभ्यास का आह्वान किया गया।