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स्वास्थ्य

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फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं आधे आयुर्वेदिक अस्पताल
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महराजगंज। आयुर्वेदिक पद्धति से दवा कराने में भरोसा रखने वालों को मायूसी हाथ लग रही है। जिले के ज्यादातर आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, वहां फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल संचालित है। कुछ अस्पतालों में दवा भी उपलब्ध नहीं है। विभाग के अनुसार सीमित संसाधनों में लोगों का बेहतर ढंग से इलाज करने का प्रयास जारी है।
जडी बूटी के माध्यम से अवाम को स्वस्थ्य बनाने के लिए 20 आयुर्वेद अस्पताल संचालित हैं, लेकिन वर्तमान में यह बदहाल हैं। केवल 10 अस्पतालों में ही चिकित्साधिकारी तैनात हैं। अन्य अस्पताल फार्मासिस्टों के सहारे चल रहे है। जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
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मिठौरा, महराजगंज, आनंदनगर, ठूठीबारी, नरकटहां, सोनौली, बृजमनगंज, अड्डा बाजार, फुलमनहां, बसडिला अस्पताल में चिकित्साधिकारी की तैनाती है। यहां तैनात चिकित्सकों द्वारा लोगों का इलाज किया जाता है। इसके अलावा अन्य अस्पतालों में चिकित्सक नहीं हैं। मंगलवार को राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बैठवलिया में फार्मासिस्ट शरदजीत प्रसाद और वार्ड ब्वाय पारसनाथ मिले। दोपहर 12:45 बजे अस्पताल के एक कमरे में फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय एक अन्य व्यक्ति से बातचीत करते दिखे। फार्मासिस्ट शरद जीत प्रसाद ने बताया कि अब तक 16 मरीजों की जांच की जा चुकी है। अस्पताल चार बेड का है, लेकिन बेड टूट चुका है। इतना ही नहीं अस्पताल में आवश्यक दवाओं का स्टॉक भी समाप्त हो चुका है।
आयुर्वेदिक अस्पताल में कर्मियों की स्थिति पर एक नजर
पद------------------------स्वीकृत--------------------तैनाती------------रिक्त
चिकित्साधिकारी-----------20--------------------------10---------------10
चीफ फार्मासिस्ट-----------2----------------------------0-----------------2
फार्मासिस्ट-----------------18---------------------------17-----------------1
सिस्टर----------------------2-----------------------------0------------------2
स्टाफ नर्स------------------6------------------------------0------------------6
कनिष्ठ सहायक------------1-------------------------------1------------------0
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी-------41------------------------------39---------------2
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आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा है। अगर अस्पताल में मिले तो बाहर से नहीं खरीदना पड़े। गैस एवं कब्ज की अच्छी दवा अस्पताल से मिलती है, लेकिन अक्सर दवाएं नहीं मिलती है। डॉक्टर तैनात रहते तो इलाज कराने में आसानी रहती।
प्रभाकर जायसवाल, बैठवलिया
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बेहतर इलाज की सुविधा के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। अगर आयुर्वेदिक अस्पतालों में बेहतर ढंग से इलाज की सुविधा मिलती तो बहुत अच्छा रहता, लेकिन अस्पताल को बेहतर ढंग से संचालित कराने के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
श्याम मोदनवाल, बैठवलिया
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जिले में चिकित्सकों के रिक्त पदों के बारे में शासन को सूचना प्रेषित कर दी गई है। जहां चिकित्सक तैनात हैं, वहां लोगों को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। प्रयास यही है कि सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आने वाले लोगों का ठीक ढंग से इलाज हो सके।
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डॉ. ब्रजेश नायक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी
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अस्पताल में आयोजित हुआ योग चिकित्सा शिविर
सिंदुरिया। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मिठौरा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश मिशन आयुष आपके द्वार बैनर तले निशुल्क स्वास्थ्य जागरूकता तथा योग शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें 56 मरीजों की डॉ. प्रदीप कुमार मौर्य ने जांच की। साथ ही उन्हें योग करने के तरीके बताए गए।
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