निचलौल। सावन के पवित्र महीने का आज तीसरा सोमवार है। इतना ही नहीं इस दिन श्रावण शुक्ल चतुर्थी तिथि भी है। ऐसे में इस सोमवार विनायक चतुर्थी का विशेष संयोग भी बन रहा है। इस मौके पर महादेव संग गणपति बप्पा की पूजा करना बेहद फलदायी रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए पंचमुखी शिव मंदिर इटहिया, कटहरा, हरखोड़ा, बहुरहवा बाबा, सिंचाई काॅलोनी सहित अन्य शिव मंदिरों पर व्यवस्थाओं को प्रशासन ने दुरुस्त कर लिया है। रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण लोग अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले बेलपत्र, मदार पुष्प, भृंगराज पत्र जुटाते देखे गए। बड़ी संख्या में शोभायात्रा निकालकर श्रद्धालु इटहिया पैदल जाते दिखे। यह ब्रह्म मुहुर्त में भगवान का अभिषेक करेंगे।
पंचमुखी शिवमंदिर इटहिया के मुख्य पुजारी ध्यानचंद गिरी ने बताया कि सावन माह के तीसरे सोमवार पर विनायक चतुर्थी का शुभ अवसर है। ऐसे में अगर आप चतुर्थी व्रत करके भगवान गणेश की पूजा करेंगे तो आपसे महादेव भी प्रसन्न होंगे। शिव परिवार की आराधना के लिए यह दिन सबसे उत्तम है। सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक का समय सुबह 4:17 से शुरू हो जाएगा।
इसके बाद पूरे दिन भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। हालांकि इस दिन दो शुभ मुहूर्त सुबह 5:40 से 07:22 और सुबह 9:04 से 10:46 तक जलाभिषेक कर सकते है। क्योंकि सावन के तीसरे सोमवार पर भद्रा का भी साया रहेगा। सुबह 10 बजकर 57 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 24 मिनट तक भद्रा रहेगा। इस भद्रा का वास धरती पर होगा। ऐसे में आप इस दौरान पूजा पाठ कर सकते हैं, लेकिन कोई शुभ कार्य नहीं किया जाएगा।
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय सबसे पहले ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। इसमें भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की शक्ति होती है। सावन के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर पर असहाय गरीब बच्चों की मदद के लिए नवोदित कलाकारों की ओर से कार्यक्रम की प्रस्तुति की जाएगी।