महराजगंज। भुजौली गांव नगरपालिका का हिस्सा बन गया है। कुछ लोगों ने यहां हुए इंटरलाकिंग, पशु शेड समेत 18 कार्याें में धांधली का आरोप लगाकर शिकायत की थी। आरोपों की टीम ने जांच की तो हकीकत सामने आ गया। जांच में पता चला की पांच काम कराने के लिए वर्क आईडी जनरेट हुई, लेकिन न तो काम हुआ और न ही भुगतान किया गया। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
भुजौली सिसवा बाजार बैजनाथ सिंह ने आईजीआएस पर शिकायत की थी। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कराए इंटरलाकिंग, पशु शेड निर्माण कार्य में फर्जी भुगतान का आरोप लगाया था। संयुक्त विकास आयुक्त, गोरखपुर मंडल-गोरखपुर एवं मंडलीय प्राविधिक परीक्षक, गोरखपुर मंडल-गोरखपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया। टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान 13 कार्यों का अभिलेख उपलब्ध कराया गया। इसमें पता चला की पांच कार्यों के लिए खंड विकास अधिकारी की ओर से मात्र आईडी जेनरेट की गई थी। इसमें न तो कार्य कराए गए और न ही कोई भुगतान हुआ।
जांच में गांव के लोगों का बयान दर्ज किया गया। भुजौली में आंगनबाडी के बगल में इंटरलाकिंग मिला। तीन इंटरलाकिंग का कार्य स्थल एक है। आंगनबाडी केंद्र के सामने इंटरलाकिग बिछाए जाने के लिए एक ही कार्य के तीन टुकडे कर अलग-अलग प्राक्कलन तैयार कर कार्य कराया गया, जो तकनीकी नियमों से ठीक नहीं है। कार्य स्थल पर कुल 698.87 वर्ग मीटर इंटरलाकिंग पाया गया। जबकि कार्य की माप पुस्तिका, प्राक्कलन में मात्र 421.80 वर्ग मीटर इंटरलाकिंग कार्य का अंकन है।
276.87 वर्ग मीटर अतिरिक्त कराए कार्य के संबंध में कर्मियों, ग्राम प्रधान द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। भुजौली में मोतीलाल के घर से मेनरोड़ तक इंटरलाकिग अभिलेखों के अनुसार 45.00 मीटी लंबाई, 2.75 मीटर औसत चौडाई में ब्रिक वर्क का कार्य प्रस्तावित है जिसके सापेक्ष 399833 रुपये का प्राक्कलन बनाया गया है। माप पुस्तिका के अनुसार परियोजना के सापेक्ष 395567 रुपये का भुगतान किया गया है जिसमें सामग्री पर 373457 रुपये व्यय, श्रमांश पर 22110.00 रुपये व्यय शामिल है। कार्य स्थल पर मापन किया गया जो 44.45 मीटर मिला। वर्तमान में इंटरलाकिंग के मध्य 36.4 मीटर की लम्बाई में 0.53 मीट चौडी नाली का निर्माण पाया गया जो सम्भवत नगर पंचायत द्वारा कराया गया है। जिस कारण वर्तमान में इण्टरलाकिंग एरिया का मिलान माप पुस्तिका में अंकित क्षेत्रफल से नहीं किया जा सकता।
भुजौली में बागीचा से गायत्री मंदिर तक खडंजा नहीं इंटरलाकिग रोड
सभी पशुशेड़ का मापन निरीक्षण तिथि को कार्य स्थल पर किया गया, लेकिन पशुशेड में बदलाव के कारण मिलान मॉडल प्राक्कलन से नहीं किया जा सकता है। भुजौली में सूर्यमन का पशुशेड भूमि विवाद के कारण नहीं कराया गया है। मौके पर सूर्यमन द्वारा इस तथ्य की पुष्टि की। अभिलेखों के अनुसार कार्य पर मात्र दो मानव दिवसो द्वारा 364 रुपये ही भुगतान हुआ है।
भुजौली में बागीचा से गायत्री मंदिर तक खडंजा नहीं इंटरलाकिग रोड है। शिकायती पत्र में दर्शाए कार्य से संबधित वर्क आईडी व उपलब्ध अभिलेखों की वर्क आईडी में भिन्नता मिली। चूंकि ग्राम पंचायत भुजौली वर्तमान में नगर पालिका परिषद, सिसवों में शामिल है जिस कारण संबधित डेटा एमआईएस पोर्टल से डिलीट हो गया है। वर्तमान में ग्राम पंचायत भुजौली में मनरेगा द्वारा कराये कार्यो संबधित विवरण जैसे मस्टररोल विवरण, सामग्री पर भुगतान, सप्लाई बाउचर का विवरण आदि आनलाइन मनरेगा वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
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आईजीआरएस शिकायत हुई थी। शिकायती पत्र में 18 कार्यों का उल्लेख किया गया था। जिसमे में पांच कार्यों की आईडी जनरेट नहीं हुई थी। न कार्य हुआ था। न ही उसका भुगतान हुआ है। जबकि 13 कार्यों की जांच में सही पाया गया है।
-राधेश्याम, सहायक खंड विकास अधिकारी, सिसवा