महराजगंज। अगर आप किसान हैं और आने वाले समय में अगर आपको खेतों में खाद अथवा कीटनाशक का छिड़काव करना है तो आपको मजदूर नहीं खोजना पड़ेगा। क्योंकि ड्रोन वाली दीदी इस कार्य में आपकी मदद करेंगी और आपकी फसल में ड्रोन से नैनो खाद और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव सिर्फ 50 रुपये प्रति घंटे की दर से करेंगी। इसके लिए आजीविका समूह की महिलाएं सदर ब्लाॅक क्षेत्र में आगे बढ़ी हैं। मिशन की ओर से उन्हें बिहार राज्य के सहरसा में प्रशिक्षण मिला। प्रयोग के लिए आठ ड्रोन भी दिया गया है। अब यह समूह को ट्रेनिंग दे रही हैं।
महराजगंज जिले का सदर ब्लाॅक आजीविका मिशन के क्षेत्र में कार्य करके न सिर्फ नेतृत्व क्षमता का विकास कर रहा है, बल्कि ऐसे क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर महारत हासिल कर रहा है जो पुरुषों के जिम्मे कार्य हुआ करते थे। खेतों में कीटनाशक दवाओं और खाद का छिड़काव अबतक पुरुष ही करते थे, लेकिन खरीफ के सीजन से इसमें आजीविका समूह की महिलाएं हाथ आजमाएंगी। वह ड्रोन विधि से सरकार की मंशा के अनुरूप खाद और दवाएं छिड़काव करेंगी।
इसके लिए सदर ब्लाक के एडीओ आइएसबी(इंडस्ट्रीयल सर्विस बिजनेस) नागेंद्र पांडेय और ब्लाक मिशन मैनेजर राहुल के प्रयास से दो महिलाएं चयनित होकर बिहार में प्रशिक्षण और ड्रोन प्राप्त कर चुकी है। कुंती देवी बांसपार बैजौली आजीविका मिशन से तो सीरमती बड़हरा रानीपुर समूह की अध्यक्ष हैं। दोनों ट्रेनिंग लेने के बाद अपने समूह की महिलाओं को ड्रोन से छिड़काव के कार्य में पारंगत कर रही हैं।
पूरे जनपद में इस प्रशिक्षण के लिए सिर्फ सदर ब्लाॅक से ही दो महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षण कराया गया है। एडीओ आईएसबी ने बताया कि यह महिलाएं मौजूदा समय में इच्छुक आजीविका समूह की महिलाओं को ड्रोन आधारित गतिविधि के लिए ट्रेंड कर रही हैं। ध्येय है कि किसान खाद और दवाओं के छिड़काव के लिए इनकी मांग करेंगे। डिजिटल क्राप सर्वे में भी प्रशासन इनकी मदद ले सकता है।
जिले की महिलाएं पुरुषों की बराबरी हर कामकाज में कर रही हैं। ड्रोन से अगर खाद और दवा का छिड़काव होगा तो किसानों की खेती में लागत घटेगी तथा सरकार की मंशा भी साकार होगी। हमारे यहां आजीविका मिशन का ध्येय मजबूत हो रहा है और लोग ड्रोन वाली दीदी के विषय में पूछने लगे हैं, यह हमारे लिए हर्ष का विषय है।
-अतुल कुमार, बीडीओ सदर