ब्लाकवार चयनित हैं 10-10 समूह की शिक्षित महिलाएं
महीने में 10 दिन काम 2 हजार रुपये मिलते मानदेय
महराजगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शिक्षित महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सेहत का मंत्र दे रही हैं। इनके जिम्मे टीकाकरण व सफाई के प्रति जागरूकता व अन्य जागरूकता संबंधित कार्य हैं। प्रत्येक माह सिर्फ 10 दिन के कार्य एवज में इन्हें 2 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
फरेंदा एनआरएलएम में ब्लाॅक मिशन प्रबंधक के रूप में कार्यरत अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में चार हजार सक्रिय समूहों से लगभग 10 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हीं समूह सदस्यों में से हर ब्लॉक से 10 महिला सदस्यों का चयन स्वास्थ्य सखी के रूप में हुआ है। यह प्रावधान जनवरी 2026 में जिले में प्रभावी किया गया और हाईस्कूल उत्तीर्ण महिलाओं को स्वास्थ्य सखी के रूप में चयनित किया गया।
इसी महीने इन्हें विभाग की तरफ से टीकाकरण, संक्रमण से बचाव, पोषण युक्त भोजन, सफाई इत्यादि विषयों पर कार्यशाला के मार्फत प्रशिक्षण भी दिया गया। हर महीने इनसे महीने में 10 दिन का कार्य स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता के लिए लेता है और इसके एवज में 2 हजार रुपये प्रति माह मानदेय स्वास्थ्य सखियों को दिया जाता है।
उनके विकास खंड में कुल 10 स्वास्थ्य सखी हैं। पूरे जिले में 120 स्वास्थ्य सखियां फरवरी 2026 से कार्य कर रही हैं। समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधित नई योजना व अन्य प्रावधान के बारे में बताया जाता है जिससे इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में लोग सेहत दुरुस्त रखने के इंतजाम कर सकें।
वर्जन
स्वास्थ्य सखी बनकर समूह की 120 महिलाएं जनपद में अपनी सार्थकता साबित कर रहीं। एसएचजी की यह महिलाएं सेहत, टीकाकरण व पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक करती हैं। इसके लिए 2000 रुपये मानदेय का प्रावधान है। विभाग समय-समय प्रशिक्षण भी दिलाता है।
-मो. जाकिर, उपायुक्त, एनआरएलएम, महराजगंज