महिला मेटों ने प्रदर्शन कर सीडीओ को सौंपा ज्ञापन
सम्मानजनक वेतन, सालभर काम और कार्य प्रणाली में सुधार की मांग की
2021 में नियुक्त महिला मेटों को अब तक कई बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिले
महराजगंज। मनरेगा योजना में कार्यरत महिला मेटों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर सोमवार को महिला उत्पीड़न मुक्ति केंद्र के नेतृत्व में महिला मेटों ने विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांगों को पूरा करने की मांग की।
महिला उत्पीड़न मुक्ति केंद्र की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिमा पांडेय ने बताया कि वर्ष 2021 से नियुक्त सभी महिला मेटों को अब तक कई बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने मांग की कि महिला मेटों के लिए सम्मानजनक मासिक वेतन लागू किया जाए और प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक कार्यों में उन्हें वर्ष के 365 दिन काम दिया जाए।
महिलाओं ने श्रमिक डिमांड पत्र में महिला मेट के हस्ताक्षर को अनिवार्य करने और 20 श्रमिकों की सीमा को समाप्त करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि इससे कार्य संचालन में पारदर्शिता आएगी और महिला मेटों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा सभी सक्रिय महिला मेटों को हाजिरी भरने की सुविधा के लिए एंड्रायड मोबाइल फोन और अनलिमिटेड डाटा वाला सिम कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही प्रदेश की सभी महिला मेटों को रोजगार सहायक का दर्जा देने की मांग की। ज्ञापन देने के दौरान ललिता शर्मा, शकुंतला, आरती, धर्मावती, पूनम, प्रीति सिंह, सुमन, पूनम गुप्ता और राधिका समेत अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।