सामाजिक समरसता महारैली का हुआ आयोजन, महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा
कांशीराम की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी
महाराजगंज। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने कलक्ट्रेट परिसर में कांशीराम की जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन किया। रैली में दलित, पिछड़े, राजभर, निषाद, पाल, नाई, गोंड, प्रजापति, कुम्हार, लोहार, बंजारा सहित समाज के सभी वर्गों की भागीदारी देखी गई। साथ ही अन्य जातियों के लोग भी मंच पर मौजूद रहें। इस दौरान सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पूर्वांचल राज्य की मांग की।
कार्यक्रम की शुरुआत ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा शंखनाद से हुई। कार्यकर्ता झंडे-बैनर लेकर जुलूस के रूप में पहुंचे। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पूरे उत्साह के साथ मौजूद रहे। मंच पर कांशीराम की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय'' के विचारों को याद किया और कहा कि कांशीराम ने वंचित समाज को राजनीतिक चेतना दी।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम साहब ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। सामाजिक न्याय तभी संभव है जब गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित एकजुट हों। उन्होंने पूर्वांचल राज्य की मांग दोहराते हुए कहा कि पूर्वांचल राज्य बनने पर पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज का होगा ताकि वंचित समाज को नेतृत्व मिले। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, प्राथमिक स्तर से तकनीकी शिक्षा, वन नेशन वन एजुकेशन और घरेलू बिजली बिल माफी जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंचायत राज विभाग की योजनाओं से गांवों के सशक्तिकरण की जानकारी भी दी। कांशीराम के विचारों और संघर्षों ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है। सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है, उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक समरसता तभी संभव है जब समाज के सभी वर्ग-गरीब, पिछड़े, दलित, वंचित और मेहनतकश लोग-एक साथ मिलकर आगे बढ़ें।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अरविंद राजभर ने युवाओं से अपील की कि राजनीति में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने संविधान की शिक्षा प्राथमिक स्तर से शुरू करने और बेरोजगार युवाओं को ब्लॉक-जनपद स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जो युवा एक बेहतर और समानता पर आधारित समाज की स्थापना करना चाहते हैं, उन्हें राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी होगी क्योंकि समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम राजनीति ही है। कार्यक्रम में अरुण राजभर, डॉ. एमबी राजभर, सालिक यादव, डॉ. संतोष पाण्डेय, पतिराम राजभर, रामललित चौधरी, राधिका पटेल समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। संयोजक जितेंद्र सिंह, संचालन डॉ. बलिराज राजभर और अध्यक्षता मुरली मनोहन राजभर ने की।