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Maharajganj News: सर्दी का सितम जारी, बर्फीली पछुआ हवाओं ने कंपकंपाया

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फरेंदा मार्ग पर छाया रहा कोहरा। 
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पछुआ हवा की रफ्तार पड़ रही बचाव इंतजामों पर भारी
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अलाव सेंकने से भी नहीं मिल रही बर्फीली ठंड से निजात
महराजगंज। पहाड़ों पर बर्फबारी से तेज पछुआ की रफ्तार तराई को मसूरी के मौसम का एहसास करा रही है। पछुआ की रफ्तार बर्फीली ठंड व गलन ऐसा एहसास करा रही है जैसे बर्फ के फुहारे आबोहवा में तैर रहे हों। गलन ने एक दो डिग्री घटते बढ़ते तापमान को बेमतलब साबित कर रखा है। अगले दो दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना नहीं है।
तराई की फिजा एक बार फिर पूरी तरह बदल गई है। तीन दिन पहले गुनगुनी धूप ने उम्मीद पैदा किया कि अब मौसम सुधार की तरफ अग्रसर होगा लेकिन सोमवार को मौसम के करवट लेने से स्थितियां पूरी तरह बदल गई है। सोमवार को धूप खिलने के बाद भी आठ किमी प्रति घंटा की पछुआ ने गलन से राहत नहीं महसूस होने दी। वहीं और मंगलवार को मौसम और ठंडा हो गया। सुबह लगभग 10 बजे तक भरपूर कोहरा रहा और दृश्यता 10 मीटर प्रति घंटा रही, लेकिन इसके बाद कोहरा घटा तो पछुआ हवा की बढ़ती रफ्तार ने दुश्वारी बढ़ा दी।
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दोपहर दो से तीन बजे की स्थिति यह थी कि पछुआ की गति 10 किमी प्रति घंटा को भी पार कर गई। गलन की वजह से गर्म कपड़ों की अधिकता के बाद भी लोगों को कंपकपी का एहसास हुआ। इस समय सीमा के बीच खुले में जलने वाला अलाव भी पर्याप्त राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जब तक लोग तेज आंच के पास बैठ रहते हैं तब तक तो राहत मिलती है लेकिन आग से दूर जाते ही ठंड का असर हावी हो जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों की तरह तराई की ठंड दिन डूबने के बाद तेजी से बढ़ी तो शाम सात बजे के बाद कोहरे ने एक बार फिर दृश्यता कम कर दी। मंगलवार अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन की तरह रात में भी पछुआ हवा ने गलन बढ़ाया।
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वर्जन
अगले दो दिन तक मौसम में किसी तरह के परिवर्तन की संभावना नहीं है। तराई का महराजगंज जनपद आरेंज जोन से रेड अलर्ट के जोन की तरफ बढ़ रहा है। पछुआ हवा तापमान और कम करेगा। धूप खिलकर भी प्रभावी नहीं रहने वाली। सुबह-शाम कोहरे का ग्राफ दृश्यता न्यून रखेगा। दोपहर के वक्त भी दृश्यता प्रभावित ही रहेगी।
- अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र।
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