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Maharajganj News: आग अनियंत्रित हुई तो बगल के खेत में खड़ी फसल को बचाने में जान गवां दिए इंद्रासन

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मृत व्यक्ति की चार बेटियाें को घटना की हुई जानकारी, बेटी पहुंची पिता के घर तो फफक पड़ी, प्रशासन ने पांच लाख सहायता राशि देने की घोषणा की
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दरौली गांव के 70 वर्षीय इंद्रासन गुप्ता की मौत पराली जलाने के दौरान हो गई। वह अपने खेत में पराली जला रहे थे, इस बीच बगल में नाथू के खेत में धान की खड़ी फसल में आग पकड़ ली। इंद्रासन को लगा कि खेत जल जाएगा, तो वह तेज लपटों के बीच आगे बुझाने में घिर कर झुलस गए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव के कुछ लड़के पराली जलने के मंजर को देख रहे थे। वे नजदीक गए तो दंग रह गए और गांव के लोगों की इसकी जानकारी दी। मौके पर डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली।
घटना की जानकारी होने पर मृतक की बेटी पहुंची। बड़ी बेटी गीता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। वह पिता के मौत की सूचना पाकर ससुराल से मायके पहुंची। आस-पास के लोग उसका ढांढस बंधा रहे थे। मृतक की चार बेटियां गीता, रीता, बबिता, व आराधना हैं। सभी की शादी हो चुकी है। इंद्रासन के पत्नी धूपा देवी की मौत दो साल पहले हो गई है। वह घर पर अकेले रहते थे। इंद्रासन खेती-बाड़ी कर जीवन यापन कर रहे थे। बेटियां समय समय पर उनकी देखभाल करने आती थीं। बृहस्पतिवार को शाम पांच खेत गए थे। पराली का मामला होने कारण गांव के लोग भी बहुत कुछ नहीं बोले रहे थे। लोगों ने कहा कि पराली के नाम पर इतनी दहशत फैला दी गई है कि सभी किसान इससे परेशान हैं।
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पराली में आग तेज होने के कारण अनियंत्रित हो गई। आग पर काबू पाने के दौरान इंद्रासन झुलसे व धुंए से दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। किसान के शव का पोस्टमार्टम कराकर उनका अंतिम संस्कार भी प्रशासन द्वारा करवाया जाएगा। कृषक दुर्घटना बीमा के तहत पांच लाख रुपये का आर्थिक सहायता दी जाएगी। किसानों से अनुरोध है कि पराली न जलाएं। इससे उनके जीवन को भी खतरा हो सकता है।
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अनुनय कुमार झा, जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी ने पूरी घटना की जानकारी ली
महराजगंज। किसान की मौत के बाद जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यदि किसान के परिवार को किसी अन्य योजना के तहत लाभान्वित किया जा सकता है, तो उसका लाभ भी परिवार को सुनिश्चित करवाएं। संवाद
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