महराजगंज/नौतनवा। रामलला के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर लोगों में गजब का उत्साह रहा। दिवाली से भी ज्यादा दीये बिक गए। इससे कुम्हारों के चेहरे खिल उठे।
बताते चलें कि जिस तरह भगवान राम 14 वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे और अयोध्यावासियों ने उस समय दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। ठीक उसी प्रकार 500 वर्षों बाद पुनः अयोध्या लौट रहे भगवान राम की आस्था में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दीप जलाकर उनका स्वागत करने की अपील की थी। इसको लेकर एकाएक दीयों की मांग बढ़ गई। बढ़ती मांग ने कुम्हारों को खुशियों से भर दिया और उन्होंने अपनी चाक की रफ्तार को इतना तेज कर दिया कि वह तब तक नहीं रुके जब तक एक-एक व्यक्ति की मांग के अनुरूप उन्हें दीये की पूर्ति नहीं कर दी।
कुम्हारों के जीवन को खुशियों से भर दिया
कुम्हार मिलन प्रजापति ने कहा कि भगवान राम सैकड़ो वर्षों पहले भी जब आए थे तो कुम्हारों के जीवन को खुशियों से भर दिया था और आज भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने कहा कि दीपावली से भी कहीं ज्यादा दीयों की बिक्री हुई है, जिससे घर और परिवार में खुशियां दोगुनी हो गई है।
इस बार कारोबार अच्छा हुआ
शंभू प्रजापति ने कहा कि अचानक से दीयों की मांग बढ़ी तो पूरा परिवार हाथ बटाने में जुट गया। कई हजार दीयों की बिक्री होने से जहां आर्थिक मजबूती मिली है, वहीं उत्सव देखकर मन गदगद है। इस बार कारोबार अच्छा हुआ। दिवाली से ज्यादा दीये इस बार बिके हैं।