फरेंदा। क्षेत्र के रामनगर के बनस्पति में नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।
कथा वाचक अनूप पांडेय ने कहा कि कलयुग में भागवत कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे।
कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। इस दौरान मुख्य रूप से रामवृक्ष यादव, बबलू यादव, अरविंद यादव, हर्ष मिश्र, चंद्रकेश यादव, ओम प्रकाश, पार्वती देवी, आरती देवी मौजूद रहे।