कृषि विशेषज्ञ बोले, खेतों में नमी बनाए रखने के लिए करते रहें हल्की सिंचाई
फूलती बाली को चाहिए 24 से 28 डिग्री सेल्सियस तापमान, वर्तमान में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/निचलौल। मार्च में तेजी से बढ़ता तापमान गेहूं के उत्पादन पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। इसे लेकर कृषि विशेषज्ञों के साथ ही किसान भी परेशान हैं। कृषि वैज्ञानिक तापमान स्थिर रखने के लिए हल्की सिंचाई की सलाह दे रहे हैं।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर गेहूं के फसल की बुआई हुई है। मार्च में अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि से किसान चिंतित हैं। वर्तमान में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री के बीच रह रहा है। यह सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। यह फसल के लिए नुकसानदायक है। वर्तमान में गेहूं की बाली फूल रहीं हैं। बढ़ते तापमान से दाना पतला होने लगेगा। इससे फसल की पैदावार गिरेगी।
जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बढ़ते तापमान को स्थिर रखने के लिए किसान खेती की हल्की सिंचाई करें, इससे फसल को फायदा होगा। अभी जिले में इसका कुछ खास असर नहीं दिख रहा है।
मौसम विशेष कैलाश पांडेय ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। इस बार तो बीते 27 फरवरी से ही तापमान में वृद्धि शुरू हो गई है।
बढ़ जाता है कई बीमारियों का खतरा
कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के कृषि विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि गेंहू की फसल के लिए मार्च में अधिकतम 24 से 28 और न्यूनतम 10 से 12, अप्रैल में अधिकतम 30 से 34 और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान गेहूं के लिए अनुकूल माना जाता है। 27 फरवरी से मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। इस कारण न्यूनतम तापमान बढ़ गया है। बढ़ता तापमान गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी है। डॉ सिंह के अनुसार, इन दिनों गेहूं की फसलों में फुलाव आता है। तापमान बढ़ने से यह समय से पहले पक कर सिकुड़ सकता है। वहीं बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल में अल्टनेरिया, सीफ व्हाइट, स्पोकाईटा, लीफ स्पोट, ब्लैक हेड, ब्लैक प्वाइंट समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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फूल रही गेहूं की बाली
खोन्हौली गांव के किसान कमलेश प्रजापति गेहूं की बाली फूल रहीं हैं। इन दिनों तापमान बढ़ता देख चिंता हो है। अगर ऐसे ही बना रहा तो इस बार गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अमल किया जा रहा है। वहीं फूलवंत कसौधन ने बताया कि फरवरी से तापमान बढ़ने लगा। यह चिंता का विषय है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी।
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तिथिवार बढ़ता तापमान
दिनांक------अधिकतम------न्यूनतम
26 फरवरी--33----------13
27 फरवरी--32----------14
28 फरवरी--31----------13
1 मार्च------32---------14
2 मार्च-----33----------13
3 मार्च-----32----------12
4 मार्च-----33-----------13
(तापमान डिग्री सेल्सियस में )